राजनीति

भाकपा माले का विरोध मार्च, SIR रद्द करने की उठी मांग

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द जनमित्र डेस्क

बक्सर जिले के डुमरांव में रविवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी माले ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में प्रतिरोध मार्च निकाला। पार्टी ने इस प्रक्रिया को तुरंत समाप्त करने, सूची से निकाले गए योग्य मतदाताओं को वापस जोड़ने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग रखी।

मार्च पार्टी कार्यालय से आरंभ हुआ और डुमरांव मुख्य सड़क बाजार, गोला रोड तथा शहीद पार्क से होते हुए नया थाना डुमरांव के पास समाप्त हुआ। वहां यह सभा में बदल गया। कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और पुनरीक्षण प्रक्रिया के खिलाफ जोरदार नारे लगाए।

नेतृत्व भाकपा माले के जिला सचिव व केंद्रीय समिति सदस्य नवीन कुमार ने किया। कार्यकर्ता एसआईआर रद्द करो, हटाए गए मतदाताओं के नाम फिर से जोड़ो तथा ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो जैसे नारे लगाते नजर आए।

सभा को संबोधित करते हुए आरवाईए राष्ट्रीय अध्यक्ष व डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पूरे देश में हंगामा मचा हुआ है क्योंकि वोट चोरी करने वाला चोर पकड़ा गया है। वोट चोरी के विरोध में हमारा संघर्ष एक साल से चल रहा था और इसी संघर्ष का नतीजा है कि चोर पकड़ में आया।

डॉ. सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को वोट चोर करार दिया और आरोप लगाया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निकट हैं। उन्होंने दावा किया कि कथित वोट चोरी के जरिए बिहार, बंगाल और दूसरे राज्यों में चुनाव जीतने का प्रयास हुआ। उन्होंने कहा कि अब जनता के बीच ऐसे लोगों की स्वीकार्यता घट रही है और नागरिकों के मूल अधिकारों में कटौती हो रही है। उनके मुताबिक वोट चोरी का मामला सिर्फ चुनाव तक सीमित नहीं बल्कि संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है।

उन्होंने सभी लोकतांत्रिक और विपक्षी ताकतों से मताधिकार की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की। डॉ. सिंह ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की नींव है। किसी भी योग्य नागरिक को प्रशासनिक गलती या प्रक्रिया के कारण मतदान अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने पुनरीक्षण के तहत हटाए गए योग्य नागरिकों के नामों की निष्पक्ष जांच कर उन्हें तुरंत वापस शामिल करने की मांग दोहराई तथा चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।

डॉ. सिंह ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की भी मांग की। उन्होंने कहा कि नियुक्ति ऐसी हो जिसमें सरकार के साथ विपक्ष और अन्य संवैधानिक पक्षों की भी सार्थक भागीदारी हो ताकि आयोग की स्वतंत्रता और पारदर्शिता पर जनता का विश्वास बना रहे।

सभा को भाकपा माले जिला सचिव नवीन कुमार सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन धर्मेंद्र सिंह यादव ने किया तथा अध्यक्षता आरवाईए नेता राजदेव सिंह ने की। मौके पर ललन राम, कन्हैया पासवान समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे।

पार्टी नेताओं ने कहा कि मताधिकार पर किसी भी प्रकार का हमला लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने साफ किया कि मतदाता सूची की शुद्धता के नाम पर योग्य नागरिकों के नाम हटाने के खिलाफ उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

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