द जनमित्र डेस्क
बुधवार को वामन द्वादशी के पावन अवसर पर बक्सर शहर में भगवान वामन की रथयात्रा का आयोजन हुआ। भगवान वामन चेतना मंच और वामन ग्लोबल फाउंडेशन ने अलग-अलग रथ निकाले, जिनमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। ढोल-नगाड़े, वैदिक मंत्र और धार्मिक झांकियों से पूरा शहर भक्ति से सराबोर हो उठा।

भगवान वामन चेतना मंच की रथयात्रा सुबह करीब आठ बजे रामरेखा घाट स्थित श्री रामेश्वरनाथ मंदिर से प्रारंभ हुई। उसी दौरान वामन ग्लोबल फाउंडेशन की रथयात्रा किला मैदान से निकली। दोनों रथ शहर के प्रमुख मार्गों—पीपी रोड, मुनीम चौक, जमुना चौक, ठठेरी बाजार, सत्यदेव गंज, पुलिस चौकी, चरित्रवन और सुमेश्वर स्थान—से होते हुए सेंट्रल जेल परिसर में स्थित भगवान वामन मंदिर पहुंचे।
रास्ते भर श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए। कई स्थानों पर लोगों ने रथ का स्वागत किया और दर्शन कर आशीर्वाद लिया। रथयात्रा का मुख्य आकर्षण धार्मिक कलाकारों की प्रस्तुतियां रहीं। 21 घोड़ों और पांच ऊंटों के साथ कलाकारों की टीम शामिल थी। गोरखपुर के धार्मिक नृत्य दल, वाराणसी की डमरू-झाल टीम के अलावा अयोध्या, झांसी और पटना से आए कलाकारों ने भी अपनी कला का प्रदर्शन किया। राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती और भगवान परशुराम की झांकियां दर्शकों को विशेष रूप से पसंद आईं। बनारस से आए लगभग 30 सदस्यों के शंख और झाल दल की प्रस्तुति ने माहौल को और भक्तिमय बना दिया। भजन गायकों, इस्कॉन और बटुक दल ने भी धार्मिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कई श्रद्धालुओं ने स्वयं रथ को खींचकर अपनी भक्ति का परिचय दिया।
रथयात्रा के समापन के बाद दोनों संगठनों ने भक्तों के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था की। शहर में सुबह से ही उत्साह का माहौल था और बड़ी संख्या में लोग इस आयोजन में शामिल हुए।
वहीं भगवान वामन के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को बुधवार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आगमन के कारण मंदिर का मुख्य द्वार बंद रखा गया था। दोपहर करीब एक बजे मुख्यमंत्री के दर्शन के बाद ही मंदिर आम भक्तों के लिए खोला गया। इस दौरान सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर के बाहर इंतजार करते रहे।
आरा से आई सबिता देवी ने बताया कि वे सुबह ही दर्शन के लिए पहुंच गई थीं, लेकिन गेट बंद था और पुलिसकर्मियों ने साढ़े 12 बजे के बाद खोलने की बात कही थी। घंटों इंतजार के बावजूद दर्शन न होने से कई भक्त नाराज दिखे।
रोहतास जिले से आई भागमनी देवी ने बताया कि वे एक दिन पहले ही बक्सर पहुंच गई थीं। गंगा स्नान के बाद मंदिर पहुंचीं तो गेट बंद मिला। उन्होंने कहा कि सुबह से भूखे-प्यासे सड़क किनारे बैठकर इंतजार करना पड़ा। न पानी की व्यवस्था थी और न ही दर्शन की कोई सुविधा। दूर-दराज से आए कई अन्य श्रद्धालुओं ने भी यही शिकायत की कि धार्मिक पर्व पर उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा।
एक भक्त ने नाराजगी जताते हुए कहा, “भगवान के दर्शन के लिए आए हैं, लेकिन नेताओं के दर्शन का इंतजार करना पड़ रहा है।” महिलाओं ने भी व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि पर्व पर दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को इतनी देर रोकना उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सड़कों की सफाई, रंग-रोगन और अन्य व्यवस्थाओं में बदलाव जरूर नजर आया, लेकिन वामन द्वादशी जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में आम श्रद्धालुओं को हुई परेशानी ने एक बार फिर वीआईपी सुरक्षा और आम भक्तों की सुविधा के बीच बेहतर तालमेल की कमी को रेखांकित कर दिया।

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