द जनमित्र डेस्क
बक्सर जिले के एक युवा शिक्षक अभिषेक कुमार का गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे निधन हो गया। वे बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष अशुतोष त्रिपाठी के छोटे भाई थे।
अभिषेक कुमार बक्सर के चौसा प्रखंड के रामपुर तिवारी गांव के स्कूल में शिक्षक के रूप में काम करते थे। सरकारी काम के सिलसिले में सगरा स्कूल के पास हुई सड़क दुर्घटना में उनके सिर पर गंभीर चोट आई थी।



दुर्घटना के बाद 24 मार्च से 19 अप्रैल तक उनका इलाज वाराणसी के बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में चला। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए 20 अप्रैल को उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया। वहां न्यूरोसर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुधीर दुबे की देखरेख में 25 जून तक उनका उपचार चलता रहा।
इस दौरान उनकी सेहत में कुछ सुधार दिखा। इसके बाद उन्हें घर पर होम केयर में रखा गया जहां भी हालत बेहतर होने के संकेत मिले। फिर 27 सितंबर को दोबारा मेदांता में भर्ती कराया गया। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद 30 अक्टूबर की रात ब्लड प्रेशर लगातार गिरने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका।
परिवार के अनुसार अभिषेक को बचाने के लिए आर्थिक क्षमता से कहीं ज्यादा प्रयास किए गए। अशुतोष त्रिपाठी ने कहा कि नियति के आगे परिवार की सारी कोशिशें असफल साबित हुईं।



