सोमवार, 2 नवंबर 2026
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पंचकोसी परिक्रमा 29 नवंबर से, लिट्टी-चोखा 3 दिसंबर को

बक्सर। जिला मुख्यालय पर होने वाली ऐतिहासिक पंचकोसी परिक्रमा इस वर्ष 29 नवंबर से आरंभ होगी। इस धार्मिक यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण तीन दिसंबर को आयोजित लिट्टी-चोखा मेला रहेगा।

इस महत्वपूर्ण आयोजन की तैयारियों तथा श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सिद्धाश्रम व्याघ्रसर स्थित पंचकोसी परिक्रमा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। समिति जिला प्रशासन से समन्वय बनाकर मेले को सफलतापूर्वक संचालित करने हेतु सभी जरूरी उपाय करेगी। बैठक में एडवोकेट सुबेदार पाण्डेय, श्रीकृष्णा चौबे, संजय पाठक, मूलशंकर वर्मा समेत अन्य सक्रिय सदस्यों ने मेले को व्यवस्थित रूप देने के लिए अपने-अपने सुझाव रखे।

समिति के अध्यक्ष अच्युत प्रपन्नाचार्य महाराज की अध्यक्षता और सचिव डॉ. रामनाथ ओझा के संचालन में सोमवार को हुई इस बैठक में विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सचिव ने बताया कि परिक्रमा का शुभारंभ 29 नवंबर को अहिरौली के अहिल्या मंदिर से होगा। इसके उपरांत 30 नवंबर को नदांव के नारद आश्रम, एक दिसंबर को भभुअर, दो दिसंबर को बड़का गांव तथा तीन दिसंबर को चरित्रवन में धार्मिक अनुष्ठान होंगे। अंतिम पड़ाव चरित्रवन में ही प्रसिद्ध लिट्टी-चोखा मेला लगेगा।

हर पड़ाव पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। चार दिसंबर को संत समाज की विदाई के साथ यह पांच दिवसीय परिक्रमा समाप्त हो जाएगी।

भगवान श्रीराम से जुड़ी पंचकोसी यात्रा की प्राचीन परंपरा है। इसमें श्रद्धालु पांच दिनों में पांच प्रमुख ऋषि आश्रमों और तीर्थ स्थलों का दर्शन कर विशेष प्रसाद प्राप्त करते हैं। अहिरौली, नदांव, भभुअर, बड़का गांव और चरित्रवन से जुड़ी यह यात्रा सनातन धर्म की आस्था के साथ स्थानीय व्यंजन व लोक संस्कृति के मेल का सजीव उदाहरण मानी जाती है। इसका समापन चरित्रवन में पारंपरिक लिट्टी-चोखा के महाप्रसाद वितरण के साथ होता है।

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