द जनमित्र डेस्क
नया भोजपुर थाना क्षेत्र की नदी में बरामद महिला शव की पहचान डुमरांव लालटेन फैक्ट्री मोहल्ले निवासी 60 वर्षीय ललिता देवी के रूप में हो गई है। एक हफ्ते से लापता महिला के शव की पहचान उनके बेटे मुन्ना कुमार सिंह ने की।



शुक्रवार को पुराना भोजपुर गांव से उत्तर दिशा में नावाडेरा पोखरा के समीप नदी में शव मिला था। शनिवार को पोस्टमॉर्टम पूरा होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। जांच के सिलसिले में फॉरेंसिक साइंस लैब टीम ने नमूने भी एकत्र कर भेज दिए हैं।
शव कई दिनों तक पानी में रहने के कारण बुरी तरह सड़ चुका था और चेहरा पूरी तरह पहचान से बाहर हो गया था। शुरुआत में पुलिस यह भी स्पष्ट नहीं कर पा रही थी कि शव पुरुष का है या महिला का। बेटे मुन्ना ने पैर और शरीर की बनावट देखकर अपनी मां की पहचान की।
परिजनों के अनुसार ललिता देवी मानसिक रूप से अस्वस्थ थीं। 23 अक्टूबर सुबह करीब आठ बजे वे पूर्वी रेलवे क्रॉसिंग के पास लालटेन फैक्ट्री परिसर स्थित अपने घर से निकल गईं और फिर वापस नहीं लौटीं। 25 अक्टूबर को दूसरे बेटे प्रमोद कुमार सिंह ने डुमरांव थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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घर छोड़ने के बाद ललिता फोरलेन मार्ग से नावाडेरा पहुंच गई थीं। वहां स्थानीय लोगों ने उनसे नाम-पता पूछा लेकिन वे कुछ बता नहीं पाईं। लोगों ने उन्हें खाना खिलाया और एक महिला ने उनके फटे कपड़े बदलकर अपने कपड़े पहना दिए। रात में वे वहां से भी चली गईं।
आशंका है कि भटकते हुए वे भोजपुर नदी तक पहुंच गईं और किसी कारण नदी में गिरकर डूब गईं। मौत का असली कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास नदी के पानी के नमूने भी लिए हैं।
एएसपी भास्कर रंजन ने बताया कि शव मिलने के बाद क्षेत्र के सभी थानों से हाल के गुमशुदगी के मामलों की जानकारी जुटाई गई। उसी आधार पर डुमरांव की लापता वृद्ध महिला का सुराग मिला और परिजनों से संपर्क कर शव की पहचान कराई गई। पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है।
स्थानीय लोगों ने अनजान वृद्ध महिला की मदद की लेकिन मानसिक स्थिति के कारण वे अपना घर नहीं बता सकीं। समय रहते पहचान हो जाती तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी।




