द जनमित्र डेस्क
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान राजपुर में घोषित तीन प्रमुख सड़क परियोजनाओं का काम पेड़-पौधों के कारण अटका पड़ा है।
वन विभाग से पेड़ों की कटाई की अनुमति न मिलने के कारण निर्माण कार्य ठप हो गया है। सड़क निर्माण विभाग और वन विभाग के बीच लगातार पत्राचार चल रहा है, लेकिन अनापत्ति प्रमाण पत्र अभी तक नहीं मिला। इससे शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने और ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाली अहम योजनाओं में देरी हो रही है।



प्रभावित सड़कों में गोलंबर से ज्योति चौक तक फोरलेन बाइपास, बड़ी मस्जिद से केंद्रीय कारा तक सड़क और पुराना भोजपुर से सिमरी तक सड़क का चौड़ीकरण व मजबूतीकरण शामिल है। इन तीनों मार्गों पर काम शुरू हो चुका था और कुछ हिस्सों में निर्माण भी हुआ, लेकिन रास्ते में खड़े पेड़ों को न हटाने के कारण बाकी काम अधूरा पड़ा हुआ है।
सड़क निर्माण विभाग के प्रभारी कार्यपालक अभियंता विभूति चंद ने बताया कि पेड़ों की कटाई की अनुमति नहीं मिलने से निर्माण प्रभावित हो रहा है। मार्ग में बड़ी संख्या में पेड़ बाधा बन रहे हैं। इन्हें हटाने के लिए वन विभाग से एनओसी जरूरी है। विभाग ने पहले ही पत्र भेज दिया था, लेकिन स्वीकृति अभी तक नहीं मिली। अनुमति मिलते ही काम दोबारा शुरू हो सकेगा।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक बड़ी मस्जिद से केंद्रीय कारा तक सड़क पर 36 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। गोलंबर से ज्योति चौक फोरलेन बाइपास पर 41 करोड़ 52 लाख रुपये की लागत है। पुराना भोजपुर से सिमरी तक करीब नौ किलोमीटर सड़क 51 करोड़ 98 लाख रुपये में बननी है। तीनों परियोजनाओं की कुल लागत 128 करोड़ रुपये से अधिक है।




