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बक्सर में डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, ओपीडी सेवाएं ठप

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द जनमित्र डेस्क

बक्सर जिले में डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतर आए हैं। सहरसा सदर अस्पताल में पत्रकार और चिकित्सकों के बीच विवाद के बाद दो डॉक्टरों पर हुई कार्रवाई के विरोध में यह कदम उठाया गया है। बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के आह्वान पर बक्सर जिला इकाई ने 24 सितंबर से हड़ताल शुरू कर दी।

हड़ताल के असर से जिले के सदर अस्पताल समेत सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बाहरी मरीजों की जांच-पड़ताल बंद हो गई है। अधिकारियों को पहले ही इसकी सूचना दे दी गई थी। हड़ताल के बावजूद आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं जारी रखने का आश्वासन दिया गया है।

डॉक्टरों का आरोप है कि कार्रवाई पूरी तरह एकतरफा हुई। सितंबर में सहरसा के एक स्कूल में भोजन के बाद कई छात्रों की तबियत बिगड़ गई थी। उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। रिपोर्टिंग के दौरान पहुंचे एक पत्रकार और डॉक्टरों के बीच झड़प हो गई। इसके बाद डॉक्टर एसके आजाद व डॉक्टर रोशन लाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई। चिकित्सकों का कहना है कि उनका पक्ष सुने बिना ही फैसला ले लिया गया।

बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ ने सरकार को 23 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया था। पांच मांगों में कार्रवाई वापस लेना भी शामिल था। समय सीमा बीतने पर भी कोई ठोस जवाब न मिलने के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया गया।

पत्रकार भी इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि घटना को सिर्फ डॉक्टरों पर हुई कार्रवाई के कोण से नहीं देखा जाना चाहिए। अस्पताल में मरीजों से जुड़ी खबरें कवर करना मीडिया का काम है। डॉक्टरों द्वारा दबाव बनाकर अपनी खामी छिपाने की कोशिश गलत है। पत्रकारों का दावा है कि घटना का वीडियो सबूत के तौर पर मौजूद है।

बक्सर जिला इकाई के सचिव डॉक्टर संजय कुमार ने बताया कि संघ की मांगों के समर्थन में स्थानीय स्तर पर भी हड़ताल का फैसला लिया गया है। उन्होंने दोहराया कि इमरजेंसी सेवाएं बाधित नहीं होंगी।

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