शनिवार, 24 अक्टूबर 2026
ताज़ा
वासुदेवा में फर्नीचर के बहाने चल रही थी अवैध हथियार फैक्ट्री पुलिस ने चार घंटे में लूटकांड सुलझाया, एक गिरफ्तार डुमरांव में मंदिर की प्रतिमा से सोने की आंख चोरी पूर्व विधायक ने मौजूदा विधायक पर साधा निशाना बक्सर में पुरुषों में बढ़ रहा हाई ब्लड शुगर का खतरा निर्माणाधीन मकान का छज्जा ढहने से सरपंच की मौत चौसा में बनारस जैसी गंगा आरती का भव्य आयोजन डुमरांव में मोबाइल शोरूम से करोड़ों की चोरी
घटना

गोगौरा गांव में भीषण आग, सात महादलित परिवारों के घर स्वाहा

द जनमित्र डेस्क

जिले के गोगौरा गांव में रविवार रात करीब दो बजे लगी भयंकर आग ने सात महादलित परिवारों की सारी दुनियादारी को राख में बदल दिया। आग की इस त्रासदी के बाद पीड़ित परिवार अब खुले आसमान तले बेसहारा हो गए हैं। पूरे गांव में शोक और हाहाकार का माहौल छा गया है।

तेज गर्मी और हवा के थपेड़ों ने आग को और भड़का दिया। एक घर से शुरू हुई लपटें पल भर में आसपास के कई मकानों में फैल गईं। ग्रामीणों के कुछ समझ में आने से पहले ही घरों में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, बिस्तर और जरूरी दस्तावेज सब जलकर खाक हो गए। आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है।

इस हादसे में सुखरी राम, मिथिलेश राम, जितेंद्र राम, कुंजबिहारी राम, कमल कुमार राम, कमलेश राम और अखिलेश राम के पूरे मकान पूरी तरह नष्ट हो गए। एक परिवार में बेटी की शादी की तैयारियां जोरों पर थीं। हल्दी की रस्म पूरी होने के कुछ घंटे बाद ही आग ने सब कुछ तबाह कर दिया। शादी के लिए जमा किया गया सामान भी जलकर स्वाहा हो गया।

यह भी पढ़ेंनिर्माणाधीन मकान का छज्जा ढहने से सरपंच की मौत

स्थानीय पुलिस और अग्निशमन की टीम को सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई। दमकलकर्मियों और गांव वालों की संयुक्त कोशिश से कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। लेकिन तब तक लाखों रुपये की संपत्ति जलकर नष्ट हो चुकी थी।

परिवारों तक पहुंचाया गया राहत का सामान

घटना की खबर मिलते ही जिला प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया। भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी के सचिव डॉ. श्रवण तिवारी सोमवार सुबह पीड़ितों के बीच पहुंचे और उन्हें खाद्यान्न, कपड़े व अन्य जरूरी सामग्री वितरित की। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

गांव वालों ने प्रशासन से पीड़ितों के लिए तुरंत आर्थिक सहायता, अस्थायी आवास और शादी वाले परिवार को विशेष मदद देने की मांग की है। भीषण गर्मी में खुले में रहने को मजबूर इन परिवारों की स्थिति बेहद शोचनीय बनी हुई है।