द जनमित्र डेस्क
जिले के गुरुदास मठिया स्थित फाउंडेशन स्कूल में फ्लाइंग स्कोलर कंपनी के सहयोग से तीन दिवसीय एविएशन अवेयरनेस प्रोग्राम के तहत फ्लाइट सिमुलेटर प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत धूमधाम से की गई। इस अनूठे कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों में उड्डयन के प्रति जागरूकता पैदा करना, वैज्ञानिक सोच विकसित करना और उन्हें शुरुआती स्तर पर ही वास्तविक पायलट प्रशिक्षण का अनुभव प्रदान करना है।

स्कूल और कंपनी के संयुक्त प्रयास से करीब 500 छात्रों को लाइसेंस प्राप्त अनुभवी पायलटों की देखरेख में फ्लाइट सिमुलेटर पर विमान उड़ाने का मौका मिलेगा। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को आधुनिक विमानन तकनीक, कॉकपिट उपकरण, नेविगेशन सिस्टम, रनवे प्रक्रिया, टेकऑफ-लैंडिंग तकनीक, मौसम के प्रभाव और सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। सिमुलेटर के जरिए छात्रों ने खुद अनुभव किया कि पायलट हवा में संतुलन कैसे बनाए रखते हैं, दिशा नियंत्रित करते हैं और आपात स्थिति में त्वरित निर्णय कैसे लेते हैं।
इस प्रशिक्षण से न केवल छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि उनमें अनुशासन, एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित हुई है। पायलटों ने बताया कि पायलट बनने के लिए मुख्य रूप से तीन स्तर की ट्रेनिंग जरूरी होती है।
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विद्यालय के प्राचार्य मनोज कुमार त्रिगुण ने कहा, “आज का युग तकनीक और नवाचार का है। अगर बच्चों को शुरुआत में ही सही दिशा और अवसर मिल जाएं तो वे अपने सपनों को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। यह कार्यक्रम महज विमान उड़ाने का अनुभव नहीं, बल्कि बड़े लक्ष्य तय करने की प्रेरणा है।” उन्होंने जोर दिया कि 12 से 18 वर्ष की आयु में ऐसे अनुभव व्यक्तित्व विकास, करियर मार्गदर्शन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के निर्माण में बहुत कारगर साबित होते हैं।
कार्यक्रम में छात्रों का जोश देखते ही बन रहा था। कई बच्चों ने पायलट बनने और एविएशन क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा जाहिर की। अभिभावकों ने भी स्कूल की इस पहल की जमकर तारीफ की और इसे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम करार दिया।





