शिक्षा

बक्सर के दो होनहार युवाओं ने नीट-यूजी 2026 में किया नाम रौशन

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द जनमित्र डेस्क

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 के नतीजे घोषित होने के साथ ही बक्सर जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। जिले के दो प्रतिभाशाली छात्रों ने कड़ी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर शानदार रैंक हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार का सिर गर्व से ऊंचा किया बल्कि पूरे जिले के छात्रों के लिए मिसाल पेश की है।

बक्सर के अभिनव मौर्य ने ऑल इंडिया रैंक 1793 हासिल करते हुए 720 में से 645 अंक हासिल किए। यह उनकी दूसरी कोशिश थी। पहले प्रयास में असफलता हाथ लगने के बावजूद हार न मानते हुए उन्होंने अपनी तैयारी को और तेज कर दिया। लगातार परिश्रम का नतीजा रहा कि इस बार उन्होंने पूरे देश में टॉप 2000 रैंक में जगह बनाई।

इसी तरह डुमरांव के 19 वर्षीय अक्षत कुमार ने भी कमाल का प्रदर्शन किया। उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 12,833 और ओबीसी श्रेणी में 5,888वीं रैंक हासिल की। उनका पर्सेंटाइल 99.3486 रहा। सबसे खास बात यह है कि अक्षत ने बड़े शहरों या महंगे कोचिंग संस्थानों का सहारा लिए बिना डुमरांव में ही रहकर ऑनलाइन तैयारी की।

अक्षत के पिता सुरेंद्र मेहरा मठिला स्थित एक सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं, जबकि मां कुमारी अंजू गृहिणी हैं। अक्षत ने अपनी स्कूली शिक्षा डुमरांव के कैम्ब्रिज स्कूल से पूरी की। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, स्कूल के शिक्षकों और स्थानीय चिकित्सक डॉ. राजेश सिंह को दिया, जिनकी प्रेरणा से उन्होंने डॉक्टरी का सपना देखा।

अक्षत का लक्ष्य सिर्फ डॉक्टर बनना नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसा अस्पताल खोलना है जहां गरीब से गरीब व्यक्ति भी सस्ते में अच्छा इलाज पा सके। वहीं अभिनव की कहानी सिखाती है कि असफलता कोई अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत का मौका होती है।

दोनों छात्रों की इस उपलब्धि पर परिवार, शिक्षक और स्थानीय लोगों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। बक्सर के इन दो युवाओं ने साबित कर दिया कि छोटे शहरों में रहने वाले छात्र भी सही दिशा, लगन और अनुशासन के साथ राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कामयाबी हासिल कर सकते हैं। उनकी सफलता जिले के हजारों छात्र-छात्राओं के लिए नई प्रेरणा और विश्वास का संचार कर रही है।

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