मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026
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मैट्रिक टॉपर अनुपा को खान सर का सहयोग: आगे की पढ़ाई का खर्च उठाएंगे

द जनमित्र | शशि

बापू सभागार में आयोजित एक सेमिनार में बक्सर जिले की छात्रा अनुपा कुमारी को मशहूर शिक्षक खान सर का भरपूर समर्थन मिला। बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 में राज्य में तीसरा स्थान हासिल करने वाली अनुपा मंच पर भावुक हो गईं। इसके बाद खान सर ने तुरंत घोषणा कर दी कि वे अनुपा की आगे की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएंगे।

सेमिनार में छात्रों को संबोधित करते हुए खान सर ने अनुपा को मंच पर बुलाया। उन्होंने बताया कि अनुपा बक्सर जिले के धनसोई थाना क्षेत्र के ककरिया गांव की रहने वाली हैं और उन्होंने पूरे बिहार में तीसरा तथा जिले में पहला स्थान प्राप्त किया है। जब अनुपा से उनके भविष्य के लक्ष्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इंजीनियर बनने और जेईई परीक्षा पास करने की अपनी इच्छा जताई।

खान सर ने इस पर ऐलान किया कि सेमिनार में मौजूद सभी बोर्ड टॉपर्स से कोई फीस नहीं ली जाएगी। उन्होंने कहा, “बस एक चीज चाहिए—ईमानदारी से पढ़ाई। अपने माता-पिता का नाम रोशन करना है।” अनुपा को संबोधित करते हुए खान सर ने भावुक होते हुए कहा, “तुम्हें रोना नहीं है। मेरे रहते पैसे की वजह से किसी भी छात्र की पढ़ाई नहीं रुकेगी। परीक्षा पास करो, आगे की पढ़ाई की जिम्मेदारी अब मेरी है।”

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अनुपा कुमारी ने बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 में 500 में से 489 अंक प्राप्त किए हैं। वे खरहना उच्च विद्यालय की छात्रा हैं। इस वर्ष बक्सर जिले के कुल सात छात्र मैट्रिक टॉप-10 में शामिल हुए हैं, जिनमें अनुपा का प्रदर्शन सबसे उल्लेखनीय रहा। अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने सेल्फ स्टडी और कड़ी मेहनत को दिया। अनुपा ने कक्षा एक से आठ तक गांव के मध्य विद्यालय ककरिया में पढ़ाई की और नौवीं से खरहना हाई स्कूल में दाखिला लिया। वे रोजाना तीन किलोमीटर साइकिल चलाकर स्कूल जाती थीं।

उनके पिता नित्यानंद यादव गुजरात के मोरबी में टाइल्स फैक्ट्री में काम करते हैं, जबकि मां निर्मला देवी गृहिणी हैं और गांव के स्कूल में शिक्षा समिति की सचिव भी हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद माता-पिता ने बेटी की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं होने दी। अनुपा की यह कहानी साबित करती है कि मजबूत इरादे और मेहनत के आगे सीमित संसाधन भी सफलता की राह नहीं रोक सकते।