द जनमित्र डेस्क
बक्सर में सरकारी स्कूलों के संचालन, बच्चों की सुरक्षा और शैक्षणिक माहौल में हो रही लापरवाही पर शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने दो अलग आदेश जारी कर आचार्य नरेंद्र देव मध्य विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अंजू कुमारी तथा चौसा प्रखंड स्थित बालिका मध्य विद्यालय रामपुर के प्रभारी प्रधानाध्यापक विपिन कुमार को निलंबित कर दिया है। दोनों को विभागीय जांच के अधीन रखा गया है।

आचार्य नरेंद्र देव मध्य विद्यालय के मामले में 28 जुलाई को मिली जांच रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। रिपोर्ट में बच्चों के बीच झगड़े, शिक्षकों की अनियमित हाजिरी, पढ़ाई-लिखाई की गतिविधियों में कमी और प्रबंधन में ढिलाई का उल्लेख किया गया। छात्राओं ने आरोप लगाया कि शिक्षिका अंजू कुमारी उन्हें लोहे के स्केल और चप्पल से मारती हैं। जांच के दौरान बच्चों के आपसी झगड़ों की शिकायत भी दर्ज हुई।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति ठीक नहीं है, शिक्षकों द्वारा पाठ योजना का सही अपडेट नहीं किया जा रहा, कुछ शिक्षक निर्धारित पोशाक में नहीं आते और शिक्षकों व बच्चों के बीच समन्वय की कमी है। प्रबंधन में लापरवाही और कर्तव्यहीनता के आरोपों पर प्रधानाध्यापिका से स्पष्टीकरण मांगा गया था। जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया।
दूसरा मामला बालिका मध्य विद्यालय रामपुर का है। 29 जुलाई को सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में छात्राओं के साथ कथित मारपीट और शारीरिक नुकसान पहुंचाने की घटना सामने आई थी। एक अगस्त को जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल का निरीक्षण कराया और प्रभारी प्रधानाध्यापक विपिन कुमार से स्पष्टीकरण मांगा। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर उन्हें विद्यालय संचालन में लापरवाही, अनुशासनहीनता तथा शिक्षक की मर्यादा व आदर्श आचरण के खिलाफ काम करने के आरोप में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के तहत निलंबित कर दिया गया।
दोनों मामलों में निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय भी तय कर दिया गया है। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से स्कूलों में बच्चों के साथ व्यवहार और शिक्षकों की जवाबदेही को लेकर सख्ती का संदेश साफ है।

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