ग्राउंड रिपोर्ट

रघुनाथपुर में ट्रायल के दौरान भी पटरी से उतर गई ट्रेन की इंजन

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11 अक्टूबर को हुए रेल दुर्घटना के 48 घण्टे बाद भी डाउन लाइन में परिचालन बाधित रात्रि 8 बजकर 30 मिनट पर ट्रेन के इंजन से मरम्मती के बाद डाउन लाइन में इंजीनियरों की टीम ट्रेन का इंजन दौड़ाकर कर रही थी ट्रायल तभी लूप लाइन से डाउन लाइन में आते ही रघुनाथपुर में डिरेल हो गई ट्रेन की इंजन. इसके बाद अधिकारियो में मचा हड़कम्प.

द जनमित्र | डेस्क

बक्सरः रघुनाथपुर में 11 अक्टूबर को हुए रेल दुर्घटना के 48 घण्टे बाद भी डाउन लाइन की परिचालन पूरी तरह से बाधित है. अप लाइन में परिचालन शुरू होने के बाद युद्ध स्तर पर डाउन लाइन को मरम्मत कर इंजीनियरो की टीम जैसे ही लगभग रात्रि 8 बजकर 30 मिनट पर ट्रायल इंजन को डाउन लाइन में दौड़ाया, लूप लाइन से डाउन लाइन में आते ही ट्रेन की इंजन डिरेल हो गई, जिसके बाद अधिकारियो में हड़कंप मच गया. इस दौरान पीछे से ट्रायल के दौरान आ रहे क्रेन से पहले डिरेल इंजन को उठाकर पटरी पर रख देने की भरपूर कोशिशें हुई, लेकिन नाकाम साबित हुए इसी दौरान इसकी भनक मीडिया को लग गई जिसके बाद अधिकारियो में हड़कंप मच गया.

तकनीकी टीम के मेंटेनेंस पर उठा सवाल

इंजीनियरो के अलावे 3 हजार वर्करों और दर्जनों क्रेन के सहारे डाउन लाइन को मरम्मत करने वाली तकनीकी टीम के मेंटेनेंस पर सवाल उठने लगा है कि जब ट्रायल के लिए इंजन को दौड़ाने की इजाजत तकनीकी टीम ने दी उस समय सब कुछ बेहतर का दावा किया गया फिर लूप लाइन से डाउन लाइन में आने के साथ ही ट्रायल इंजन डिरेल हो गया जिससे तकनीकी टीम के कार्य शैली पर सवाल उठने लगा है.

क्या कहते है अधिकारी

ट्रायल के दौरान इंजन की डिरेल होने की पुष्टि आरपीएफ इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने करते हुए बताया कि लूप लाइन से मेन लाइन में आने के साथ ही ट्रायल इंजन के पहिया उतर गया जिसे पटरी पर रखने के लिए लगातार काम चल रहा है.

गौरतलब है कि ट्रायल इंजन को डिरेल होने के बाद तकनीकी टीम के कार्यशाली पर सवाल उठने लगा है.

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