राजनीति

भाकपा माले (लिबरेशन) का 11वाँ जिला सम्मेलन संपन्न

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द जनमित्र डेस्क

मंगलवार को भाकपा माले (लिबरेशन) के 11वें जिला सम्मेलन के दूसरे दिन की शुरुआत शहीद कॉमरेड चंद्रशेखर (चंदू) की शहादत दिवस पर उनके तैलीय चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। शहीद चंदू के चित्र पर पार्टी के बिहार राज्य सचिव कॉमरेड कुणाल, पोलित ब्यूरो सदस्य कॉमरेड अमर, पार्टी के वरिष्ठ नेता व राज्य कमिटी सदस्य कॉमरेड मनोहर, जिला सचिव कॉमरेड नवीन कुमार, पूर्व विधायक डॉ अजीत कुमार सिंह, कॉमरेड अलख नारायण चौधरी सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

सम्मेलन के पहले दिन विदाई जिला कमिटी के सचिव नवीन कुमार ने कामकाज की रिपोर्ट प्रतिनिधियों के समक्ष पढ़ी। रिपोर्ट पर बहस में 21 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। दूसरे दिन सात प्रतिनिधियों ने बहस में भाग लिया।

दूसरे दिन सम्मेलन को पार्टी के राज्य सचिव कॉमरेड कुणाल, पोलित ब्यूरो सदस्य कॉमरेड अमर, राज्य कमिटी के वरिष्ठ नेता कॉमरेड मनोहर और पर्यवेक्षक कॉमरेड राजू यादव ने संबोधित किया। मुख्य वक्ताओं ने कहा कि भाजपा सरकार जनता के अधिकारों को एक-एक कर छीन रही है। गरीबों, किसानों, मजदूरों, छात्र-नौजवानों और कमजोर तबकों के संघर्ष से बनी जनपक्षधर नीतियों को मोदी सरकार बदल या खत्म कर रही है। जन अधिकारों को समाप्त कर सरकार सब कुछ चुनिंदा पूंजीपतियों को सौंपने पर आमादा है।

वक्ताओं ने जोर दिया कि जब सत्ता जन अधिकारों को खत्म कर रही हो तो भाकपा माले को और मजबूत बनाना तथा जन अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक जन आंदोलन खड़ा करना जरूरी है। चार श्रम कोड लाकर मजदूरों के सारे अधिकार छीने जा रहे हैं। सरकारी नौकरियां खत्म कर युवाओं के सपनों को रौंदा जा रहा है। मनरेगा कानून को कमजोर कर ग्रामीण मजदूरों को संकट में डाला गया है। पूरे देश में नफरत फैलाने की कोशिश का मुकाबला करते हुए जन एकता बनानी होगी और इस जनविरोधी सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाना होगा।

बिहार सरकार भारी बहुमत मिलते ही गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाने लगी है। बिना नोटिस दिए कई जगह दलितों और गरीबों के घरों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उजाड़ दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि बिहार को भाजपाई बुलडोजर राज की प्रयोगशाला बनाने के खिलाफ संघर्ष तेज करना होगा और सरकार को अपने जनविरोधी, गरीब विरोधी व दलित विरोधी फैसले से पीछे हटने के लिए मजबूर करना होगा।

सम्मेलन को सफल बनाने के लिए चार सदस्यीय टेक्निकल टीम गठित की गई थी जिसमें बीरबहादुर पासवान, संध्या पाल, सर्वेश कुमार पाण्डेय और शिवजी राम शामिल थे। टीम ने सम्मेलन को सुचारू रूप से चलाने में अहम भूमिका निभाई।

सम्मेलन ने 37 सदस्यीय नई जिला कमिटी का चुनाव किया जिसमें मनोहर जी, नवीन कुमार, अजीत कुशवाहा, अलख नारायण चौधरी, सुशीला जी, जगनारायण शर्मा, विसर्जन पासवान, धर्मेन्द्र सिंह यादव, ललन राम, कन्हैया पासवान, संजय शर्मा, वीरेन्द्र सिंह, सत्यनारायण, भदेसर साह, ललन प्रसाद, रेखा देवी, हरेंद्र राम, रामदेव सिंह, नारायण दास, वीर बहादुर पासवान, संध्या पाल, महफूज, अनूप शर्मा, धनजी पासवान, शैल देवी, वीरेंद्र यादव, शिवजी राम, आनंद राम, जितेन्द्र राम, राजदेव सिंह, गीता देवी, ओम प्रकाश, हरिद्वार राम, विनोद रजक, सुकर राम, कृष्णा राम और कुश भगवान शामिल हैं। नई जिला कमिटी ने सर्वसम्मति से कॉमरेड नवीन कुमार को पुनः जिला सचिव चुना।

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