द जनमित्र डेस्क
शुक्रवार को पावन जगन्नाथ रथयात्रा ने पूरे शहर को भक्ति और आस्था के रंग में रंग दिया। भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की शोभायात्रा इस्कॉन बक्सर की देखरेख में निकाली गई, जिसमें शहर व आसपास के इलाकों से सैकड़ों भक्तों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। पूरे रास्ते ‘हरे कृष्ण हरे राम’ के जयकारों और मधुर भजनों से माहौल दिव्य हो उठा।

यात्रा की शुरुआत इस्कॉन मंदिर में देवताओं की विधिवत पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद तीनों विग्रहों को सुंदर ढंग से सजाए गए रथ पर विराजमान किया गया। गोलंबर स्थित हनुमान मंदिर के पास दीप प्रज्वलन कर रथयात्रा का शुभारंभ किया गया। भक्तों ने रस्सी खींचते हुए भगवान के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त किया।
रथयात्रा में बक्सर लोकसभा सांसद सुधakar सिंह भी शामिल हुए। उन्होंने यात्रा पथ पर झाड़ू लगाकर सफाई अभियान चलाया और भगवान जगन्नाथ की आरती उतारी। इस मौके पर सांसद ने कहा कि बक्सर में जगन्नाथजी की रथयात्रा स्थानीय परंपरा को मजबूत करती है। उन्होंने भगवान से पूरे प्रदेशवासियों और भक्तों के सुख, समृद्धि, शांति तथा अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
रोहतास गोयल, राजा गोविंद दास, डॉ. रमेश कुमार, शशिकांत सिंह, हरि प्रेम जी और जिउतमुनि उपाध्याय जैसे गणमान्य व्यक्तियों ने दीप जलाकर रथ को रवाना किया। यात्रा शहर के प्रमुख इलाकों से गुजरी। जगह-जगह भक्तों ने फूल बरसाकर देवताओं का स्वागत किया।
रथयात्रा गोयल धर्मशाला पहुंचने पर महाप्रसाद वितरण के साथ संपन्न हुई। इस्कॉन बक्सर के संस्थापक राजा गोविंद दास ने बताया कि रथ की रस्सी खींचना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। उन्होंने इस आयोजन का मकसद समाज में प्रेम, भाईचारा, आध्यात्मिक जागृति और भक्ति भाव फैलाना बताया।
डॉ. रमेश कुमार ने कहा कि रथयात्रा केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सद्भाव का भी प्रतीक है। कार्यक्रम के दौरान इस्कॉन भक्तों ने दिल छू लेने वाले संकीर्तन और भजन पेश किए। गंगापुत्र वृंदावन ने जगन्नाथ भगवान की महिमा पर प्रवचन दिया। पटना इस्कॉन से कृष्ण कृपा दास समेत कई वरिष्ठ भक्त भी मौजूद रहे।
महिलाओं की भूमिका खास रही। उन्होंने रथ खींचने, भजन-कीर्तन, प्रसाद वितरण और अन्य सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर योगदान दिया। पूरे कार्यक्रम में भक्ति, अनुशासन और आनंद का अद्भुत मेल देखने को मिला।
इस भव्य आयोजन ने बक्सर में धार्मिक सद्भाव, सामाजिक एकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का सुंदर संदेश दिया। भक्तों ने जगन्नाथ भगवान के दर्शन कर अपने जीवन में सुख-समृद्धि और शांति की प्रार्थना की।

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