द जनमित्र डेस्क
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में किसान आंदोलन का समर्थन करने पहुंचे बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, बिहार प्रभारी दिनेश सिंह और स्थानीय किसान नेता मन्नवर सहित सैकड़ों किसानों को ओडिशा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई उस समय की गई जब किसान अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे।

विभिन्न राज्यों से किसान नेता और कार्यकर्ता भुवनेश्वर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दे रहे थे। इसी कड़ी में बक्सर सांसद सुधाकर सिंह भी किसानों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए वहां पहुंचे थे। पुलिस ने प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप किया और मौके से कई नेताओं व किसानों को हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तारी के बाद सांसद सुधाकर सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई न केवल किसानों की आवाज दबाने का प्रयास है, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला भी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों की न्यायपूर्ण मांगों के समर्थन में उनकी लड़ाई जारी रहेगी और वे पीछे नहीं हटेंगे।

इस घटना पर बिहार कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज उठाने पर बक्सर के सांसद, किसान नेता राकेश टिकैत और सैकड़ों किसानों की गिरफ्तारी पूरी तरह से गैरकानूनी है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब देश में किसानों की आवाज उठाने पर भी गिरफ्तारी की जाएगी।
डॉ. वर्धन ने ओडिशा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी सरकार पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह सरकार हमेशा से किसानों की मांगों पर दमनकारी कार्रवाई करती रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया और कहा कि ऐसी कार्रवाई से किसानों में आक्रोश बढ़ेगा।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सभी गिरफ्तार किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं को जल्द से जल्द रिहा किया जाए, ताकि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को रख सकें। इस बीच, किसानों की गिरफ्तारी के बाद आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
विभिन्न किसान संगठनों ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे किसान विरोधी कदम बताया है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द रिहाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।


Comment here