द जनमित्र डेस्क
बक्सर जिले के इटाढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत चिलबिला गांव में डेढ़ बीघा जमीन के पुराने विवाद ने एक बार फिर खूनी रूप ले लिया। कुकुढ़ा पंचायत के सरपंच सुभाष सिंह की गुरुवार को हुई झड़प में लाठी-डंडों से मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में तेजी दिखाते हुए 17 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है और घटना के महज एक दिन बाद दो महिलाओं समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।

पुलिस के मुताबिक, विवादित खेत में जुताई को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हुई, जो जल्द ही हिंसक संघर्ष में बदल गई। हमलावरों ने सरपंच सुभाष सिंह पर लाठियां बरसाईं। उनके दोनों बेटे अखिलेश सिंह और वेंकटेश सिंह भी इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए। तीनों को इलाज के लिए बक्सर सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां सुभाष सिंह की मौत हो गई।
इटाढ़ी थानाध्यक्ष सोनू कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर 17 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तेजनारायण सिंह, रंगनाथ सिंह, पूनम देवी और बुद्धा देवी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इनमें दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं।
अन्य नामजद आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की छापेमारी लगातार जारी है। थानाध्यक्ष ने कहा कि फरार आरोपी जल्द ही गिरफ्तार कर लिए जाएंगे और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह हत्या लंबे समय से चले आ रहे जमीन विवाद का नतीजा है। गुरुवार को जब एक पक्ष खेत जोतने पहुंचा तो दूसरे पक्ष ने विरोध किया और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
सरपंच की मौत की खबर फैलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों ने सदर अस्पताल के मुख्य द्वार पर शव रखकर बक्सर-चौसा मुख्य सड़क को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और परिवार को न्याय देने की मांग की। पुलिस और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद जाम खुलवाया गया।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बचा नहीं जाएगा। पूरे मामले की गहन छानबीन की जा रही है और शेष आरोपियों को पकड़ने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

Comment here