राजकाज

साल की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत में 1708 मामलों का सफल निपटारा

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द जनमित्र डेस्क

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में शनिवार को आयोजित वर्ष 2026 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1708 मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। इस दौरान पक्षकारों के बीच लगभग 14 करोड़ 75 लाख 55 हजार 951 रुपये की समझौता राशि तय हुई।

लोक अदालत का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार की अध्यक्ष काजल झाव ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश मनोज कुमार, जिला पदाधिकारी साहिला, पुलिस अधीक्षक शुभम आर्या, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव नेहा दयाल और स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन पैनल अधिवक्ता विष्णु दत्त द्विवेदी ने किया।

प्रधान जिला जज काजल झाव ने कहा कि लोक अदालत त्वरित और सुलभ न्याय का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि एक ही दिन में मामलों का निपटारा संभव होता है और इसमें किसी पक्ष की हार-जीत नहीं होती, बल्कि दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का समाधान होता है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव नेहा दयाल ने बताया कि लोक अदालत को राष्ट्रीय पर्व की तरह मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करना और आम लोगों को सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है।

इस लोक अदालत में विभिन्न श्रेणियों के मामले शामिल थे, जिनमें बैंक संबंधित 544 मामले, यातायात के 618 मामले, आपराधिक प्रकृति के 165 मामले, विद्युत के 265 मामले, वैवाहिक 13 मामले और एनआई एक्ट के 4 मामले थे। बैंकों के 98 रिकवरी मामलों में 1 करोड़ 12 लाख 81 हजार 51 रुपये की समझौता राशि पर सहमति बनी।

कुटुंब न्यायालय के प्रयासों से 14 वैवाहिक मामलों का भी सफल निपटारा हुआ। प्रधान न्यायाधीश मनोज कुमार की पहल पर धीरेंद्र कुमार-रीना सिंह, रविकांत सिंह-अनिता देवी और गायत्री कुमारी-विश्वामित्र वर्मा जैसे कई दंपतियों के बीच मध्यस्थता कराई गई। सुलह के बाद इन दंपतियों ने एक-दूसरे को गले लगाकर साथ रहने का फैसला किया, जिससे परिवारों में खुशी का माहौल बना और बच्चों के भविष्य के लिए इसे सकारात्मक कदम माना गया।

इसके अलावा, 15 साल पुराने चेक बाउंस मामले का भी निपटारा किया गया। एसडीजेएम कोर्ट में लंबित इस मामले में मुक्तेश्वर रजक (परसिया, बक्सर) और राजीव कुमार कनौजिया (दिल्ली) के बीच 80 हजार रुपये के चेक से जुड़ा विवाद था, जो विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर पासपोर्ट-वीजा से संबंधित था। गठित बेंच के न्यायाधीश अमित कुमार शर्मा ने दोनों पक्षों के बीच सुलह कराकर मामले का निष्पादन कराया।

इस मौके पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश उदय प्रताप सिंह, सुदेश कुमार श्रीवास्तव, संजीत कुमार सिंह, अमित कुमार शर्मा, सोनेलाल रजक, कमल कुमार, मानस कुमार वत्सल, अनुपमा सिंह, अवर न्यायाधीश भोला सिंह, महेश्वर नाथ पांडेय और न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी मान्वेंद्र सिंह सहित कई न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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