राजकाज

दो जून को पंचायत स्तर पर लगेंगे जन-समाधान कैंप

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द जनमित्र डेस्क

बक्सर जिले के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को अब अपनी रोजमर्रा की परेशानियों और रुके हुए कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जिला प्रशासन ने आगामी 2 जून 2026, दिन मंगलवार को सीधे गांवों में ही लोगों की दिक्कतें दूर करने का एक अहम फैसला लिया है। इस नई पहल के तहत जिले की अलग-अलग ग्राम पंचायतों में ‘सहयोग शिविर’ नाम से विशेष जन-सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने इस पूरी कवायद का विस्तृत रोस्टर भी तैयार कर लिया है।

यह आयोजन बक्सर के सभी ब्लॉक की चुनिंदा पंचायतों में किया जाना है। तय किए गए कार्यक्रम के मुताबिक इन विशेष कैंपों का संचालन दो अलग-अलग पारियों में होगा। सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक पहली शिफ्ट काम करेगी, जबकि भोजनावकाश के बाद दोपहर 2 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक दूसरी शिफ्ट में जनता की फरियाद सुनी जाएगी। इन कैंपों का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि ग्रामीणों को अपने न्याय और सरकारी हक के लिए मीलों दूर ब्लॉक या जिला मुख्यालय तक नहीं जाना पड़ेगा।

इन शिविरों में पुलिस महकमे के अफसरों से लेकर प्रशासनिक महकमे और तमाम अन्य सरकारी विभागों के आला अधिकारी एक ही छत के नीचे मौजूद रहेंगे। आम जनता अपनी किसी भी तरह की शिकायत सीधे इन अधिकारियों के सामने रख सकती है। मौके पर ही राशन कार्ड, पेंशन, बिजली, पेयजल, सड़क, सामाजिक सुरक्षा और सरकारी आवास जैसी कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी अड़चनों को दूर करने का काम किया जाएगा। इसके अलावा जाति, आय या निवास प्रमाण पत्रों और जमीन से जुड़े राजस्व मामलों का भी तेजी से निपटारा करने की कोशिश होगी। साथ ही, जो ग्रामीण नई सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें मौके पर ही पूरी प्रक्रिया समझाई जाएगी और उनके आवेदन भरवाए जाएंगे।

प्रशासनिक अमले ने इस जनहितकारी कदम को लेकर बक्सर के सभी निवासियों से खास अपील की है कि वे निर्धारित वक्त पर अपने इलाके के कैंप में पहुंचकर इस अवसर का पूरा फायदा उठाएं। अधिकारियों का स्पष्ट मानना है कि आम आदमी की सीधी भागीदारी के बिना सुशासन का लक्ष्य अधूरा है। पंचायत के स्तर पर ही प्रशासनिक सेवाएं मुहैया कराने का यह प्रयास ग्रामीण जीवन को आसान बनाने और सरकारी तंत्र को जनता के प्रति अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में एक बेहद सार्थक कदम माना जा रहा है।

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