द जनमित्र डेस्क
डीडीयू-दानापुर रेलखंड पर शराब तस्करों ने बुधवार सुबह एक बार फिर सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। उत्पाद विभाग की टीम पर हमला बोल दिया गया, जिससे यात्रियों में भारी दहशत फैल गई।
घटना लोकमान्य तिलक टर्मिनल-पटना एक्सप्रेस ट्रेन में हुई, जब यह बक्सर और डुमरांव स्टेशन के बीच कुशलपुर हाल्ट के पास से गुजर रही थी। उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि ट्रेन में अवैध शराब की तस्करी हो रही है। इसी जानकारी पर एएसआई संजीत तिवारी के नेतृत्व में टीम ट्रेन में सवार हुई और डुमरांव स्टेशन पर तस्करों को पकड़ने की रणनीति बनाई थी।

लेकिन तस्कर पहले ही सतर्क हो चुके थे। कुशलपुर हाल्ट के निकट पहुंचते ही उन्होंने ट्रेन की इमरजेंसी चेन खींच दी। ट्रेन के रुकते ही संदिग्ध युवक तेजी से नीचे कूदने लगे। उत्पाद टीम ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो तस्कर भड़क उठे और टीम पर जमकर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धक्का-मुक्की के साथ पत्थर फेंकने की भी कोशिश की गई।
हालांकि, पुलिसकर्मी किसी तरह खुद को बचाने में सफल रहे। तस्कर मौके से फरार हो गए। अचानक हुए इस हमले से ट्रेन में सवार यात्री दहशत में आ गए। कई यात्री अपने डिब्बों से बाहर निकल आए, जबकि कुछ डर के मारे सीटों पर ही सिमटकर बैठ गए।
उत्पाद अधीक्षक अशरफ जमाल ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि तस्करों की पहचान की जा रही है और पूरे गिरोह के नेटवर्क को चिह्नित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस रेलखंड पर बढ़ती शराब तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने का भी ऐलान किया।
वहीं, आरपीएफ प्रभारी कुंदन कुमार ने कहा कि उत्पाद विभाग की टीम को ऐसी कार्रवाई से पहले आरपीएफ को सूचित करना चाहिए था। उन्होंने गोली चलने की अफवाह को सिरे से खारिज कर दिया। दोनों अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि घटना के दौरान किसी भी तरह की फायरिंग नहीं हुई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, डीडीयू-दानापुर रेलखंड पर शराब तस्करों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। कुछ महीने पहले भी इसी क्षेत्र में पुलिस टीम पर हमला हुआ था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से रेल यात्रियों में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता है।
यात्रियों ने रेलवे प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, नियमित छापेमारी की जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क नजर रखी जाए।


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