द जनमित्र डेस्क
बक्सर पुलिस ने साइबर अपराधियों के एक सक्रिय नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए बड़ा सफलता हासिल की है। इस ऑपरेशन में एक मुख्य संदिग्ध को हिरासत में लिया गया, जो ठगी से हासिल धनराशि के लेन-देन में शामिल था। यह कार्रवाई 20 मार्च 2026 को पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में बनी विशेष जांच दल द्वारा अंजाम दी गई।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, 2 मार्च 2026 को साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कई शिकायतों की छानबीन से यह खुलासा हुआ। जांच में उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़े कुछ खातों के जरिए बिहार समेत दूसरे राज्यों में बड़े पैमाने पर ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले सामने आए।
तफ्तीश से पता चला कि ये बैंक खाते बक्सर जिले के सोवा गांव के विभिन्न निवासियों के नाम पर खोले गए थे। इनका दुरुपयोग अवैध ट्रांजेक्शन के लिए हो रहा था और इनसे लाखों रुपये निकाले जाने की पुष्टि हुई।
19 मार्च को साइबर थाने में मामला दर्ज होने के बाद टीम ने तेजी से एक्शन लिया और सोवा गांव के रहने वाले रंजीत कुमार (पिता हरिशंकर यादव) को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ सांठगांठ कर साइबर फ्रॉड में लगा हुआ था तथा ठगी की कमाई को बैंक खातों के रास्ते हैंडल करता था।
गिरफ्तारी के समय पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कई अहम सबूत जब्त किए, जिनमें एक स्मार्टफोन, क्यूआर कोड जनरेटर डिवाइस, बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर, दो डेबिट कार्ड, माइन डायमंड लिमिटेड का कार्ड, एक चेकबुक और क्यूआर कोड की प्रतियां शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि गिरोह के बाकी सदस्यों को पकड़ने के लिए छापेमारी और तलाशी अभियान जारी है। इस सफलता में साइबर थाना बक्सर की टीम के कई जवान और अधिकारी शामिल रहे।
पुलिस अधीक्षक ने टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ मुहिम लगातार चलेगी। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर दें, जिससे त्वरित कार्रवाई संभव हो सके।


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