शिक्षा

अनुपा कुमारी ने बिहार मैट्रिक परीक्षा में हासिल किया तीसरा स्थान

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द जनमित्र | शशि

बक्सर जिले की होनहार बेटी अनुपा कुमारी ने अपनी मेधा और कड़ी मेहनत के दम पर पूरे बिहार में बक्सर का नाम रोशन कर दिया है। राजपुर प्रखंड के ककरिया गांव निवासी नित्यानंद यादव और निर्मला देवी की पुत्री अनुपा कुमारी ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की मैट्रिक परीक्षा में 489 अंक यानी 97.6 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे बिहार में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं अपने जिले में वह प्रथम स्थान पर रही हैं। इस शानदार सफलता से न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे जिले में खुशी और गर्व का माहौल छा गया है।

खरहना उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्रा अनुपा बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रही हैं। आर्थिक रूप से साधारण परिवार होने के बावजूद उनके माता-पिता ने कभी उनकी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी और हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। पिता नित्यानंद सिंह गुजरात के टाइल्स फैक्टरी में जेनेरेटर ऑपरेटर का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि बिहार में रोजगार की कमी के कारण उन्हें गुजरात जाना पड़ता है। माता निर्मला देवी गृहिणी हैं और कहती हैं कि उन्होंने बेटी को कभी कम नहीं पड़ने दिया ताकि वह सपने देख सके और आगे बढ़ सके।

परिवार में दादा भरत सिंह भी मौजूद हैं जो मवेशियों की देखभाल करते हैं। मौके पर वे भावुक नजर आए और कहा कि हमने पेट काटकर भी बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी। लड़के-लड़कियों में कभी भेदभाव नहीं किया। आज नतीजा सबके सामने है। अनुपा ने साबित कर दिया कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो आर्थिक या सामाजिक कोई भी बाधा सफलता की राह नहीं रोक सकती।

अनुपा चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का पूरा श्रेय माता-पिता, दादा भरत सिंह और गुरुजनों को दिया है। उनका कहना है कि नियमित पढ़ाई, अनुशासन और परिवार के सही मार्गदर्शन ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। उनकी बड़ी बहन स्नातक द्वितीय वर्ष में पढ़ रही हैं जबकि दोनों भाई क्रमशः आठवीं और पहली कक्षा में हैं। अनुपा की सफलता से उनके भाई-बहन भी बेहद उत्साहित और प्रेरित हैं।

अनुपा का सपना सिर्फ अच्छे अंकों तक सीमित नहीं है। वे बताती हैं कि उनके गांव से अस्पताल काफी दूर है जिससे ग्रामीणों को परेशानी होती है। इसी को देखते हुए उन्होंने भविष्य में डॉक्टर बनने का लक्ष्य तय किया है ताकि गांव में ही लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करा सकें।

अनुपा की इस सफलता पर उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। स्थानीय लोगों और शुभचिंतकों का कहना है कि साधारण परिवार से निकलकर इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करना पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है। अनुपा की यह उपलब्धि उन सभी छात्र-छात्राओं के लिए मिसाल है जो अभावों में रहकर भी बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।

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