बक्सर/डुमरांव: नहरों में पानी देने, किसानों को 24 घण्टे बिजली देने एवं बक्सर को सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर भाकपा (माले) व अखिल भारतीय किसान महासभा ने बक्सर जिले के विभिन्न प्रखंडों में धरना आयोजित कर मांग पत्र सौंपा. डुमराँव विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने भी चौगाईं, केसठ व नावानगर में आयोजित धरने में शामिल होकर धरना को सम्बोधित किया. विधायक ने कहा कि आज पूरा बक्सर सूखे की चपेट में है किसानों की समस्याओं के प्रति सरकार असंवेदनशील है. इसी असंवेदनशीलता के कारण पूरे बिहार के किसानों की स्थिति लगातार दयनीय बनी हुई है रोपनी का आधा समय बीतने के बाद भी समय पर वर्षा नहीं होने से किसान सूखे की मार झेलने को विवश है. मलई बराज, कदवन जलाशय जैसी योजनाओं के लिए विधानसभा में लगातार मांग उठती रही है लेकिन हर बार योजना को पूर्ण कराने की तारीख आगे बढ़ा दी जाती है पर योजना पूर्ण नहीं होती. नहरों की तल सफाई, मरम्मती तथा नहरों के पक्कीकरण के लिए हमेशा निधि की कमी की दुहाई दी जाती है परिणामस्वरूप नहरों की स्थिति भी बहुत दयनीय है.
सिंचाई के लिए ज्यादातर सरकारी नलकूप मरम्मती व ऑपरेटर के अभाव में मृतप्राय हो गए हैं. विधानसभा के कार्यवाही के दौरान हमनें बार-बार स्थिति में सुधार करने की मांग की है पर हर बार इसे अनदेखा किया जाता रहा है.
इस अकाल की स्थिति में भी किसानों को कृषि के लिए मात्र 8 घण्टे ही बिजली देने का सरकार ने फरमान जारी किया है. ऐसी स्थिति में कोई कैसे खेती करें, ये समझ से परे है. कृषि कार्य संभव नहीं हैं किसानों की नहरों में खेती के लिए पर्याप्त पानी देने की व्यवस्था करने, कृषि कार्य हेतु 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने एवं वर्षा नहीं होने के कारण प्रभावित क्षेत्रों को सूखाग्रस्त घोषित करने के मांग में उनके साथ खड़े हैं. सरकार को तत्काल नहरों में पानी की देने व 24 घण्टे बिजली देने तथा प्रभावित क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित कर राहत देना चाहिए.





