ग्राउंड रिपोर्टस्थानीय

खुले आसमान में रहने को मजबूर है ये परिवार…

Spread the love

जनमित्र/बक्सरः पुराने कचहरी बक्सर में 40 सालों से रह रहे दलित परिवार के लोगों की झुग्गी झोपड़ी को प्रशासन ने जेसीबी मशीन से तोड़-फोड़ कर हटा दिया. यहां करीब 7 से 8 परिवार रहते हैं. अब इस बरसात में सिर छुपाने के लिए इनके पास न कोई छत है और न ही सोने के लिए फर्श. प्रशासन की तरफ से भी इनके लिए अभी तक कोई जगह मुहैया नहीं कराई गई. छोटे-छोटे बच्चों के साथ खुले आसमान में  गरीब रहने को विवश हैं. इनलोगों का कहना है कि अतिक्रमण के नाम पर हम

सभी को हटाया गया है. प्रशासन हम भूमिहीनों को ऐसे समय में हटाया है जब पूरे देश में लॉकडाउन और कोरोना महामारी है लगातार कई महीनों तक रहे लॉकडाउन में गरीब मजदूर तो पहले से ही परेशान है और अब रहने के लिए ठिकाना भी नहीं है. वहीं एक होटल को भी ध्वस्त किया गया है. इस होटल से कई गरीब परिवार का रोजगार जुड़ा था. उलेखनीय है कि उक्त स्थल पर निबंधन कार्यालय का भवन विस्तारीकरण होगा. जिसके कारण सबको हटाया गया है. विस्थापित लोगों ने कहा कि वे सरकार के आदेश का पालन करते है परंतु प्रशासन को कुछ वक्त का समय देना चाहिए. इस बरसात में प्रशासन ने बेरुखी दिखलायी है.

Comment here