स्थानीय

अवैध मिट्टी खनन पर 59 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना

Spread the love

द जनमित्र डेस्क

जिला प्रशासन ने अवैध खनन और बिना अनुमति मिट्टी तस्करी के खिलाफ बड़ी मुहिम चलाते हुए भारी कार्रवाई की है। इस अभियान में कुल 59 लाख रुपये से ज्यादा का आर्थिक दंड लगाया गया।

नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत मिश्राही पोखरा में लंबे समय से अवैध मिट्टी खोदाई और उसके परिवहन की शिकायतें आ रही थीं। इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए खनन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारा।

छापेमारी के दौरान एक जेसीबी मशीन और दो ट्रैक्टरों को मौके पर ही मिट्टी निकालते और ले जाते हुए पकड़ा गया। जांच में पता चला कि इनके पास न तो कोई वैध खनन लाइसेंस था और न ही परिवहन की अनुमति। इस गैरकानूनी गतिविधि से सरकारी खजाने को लगातार नुकसान हो रहा था।

खनन विभाग ने जेसीबी मशीन पर 10 लाख रुपये का शमन शुल्क थोपा। साथ ही, अवैध रूप से निकाली गई मिट्टी पर 25 गुना रॉयल्टी के रूप में करीब 46 लाख रुपये का अतिरिक्त अर्थदंड लगाया गया।

दोनों ट्रैक्टरों पर अलग-अलग 1 लाख 9 हजार 257 रुपये और 1 लाख 5 हजार रुपये का जुर्माना तय किया गया। इस तरह कुल दंड राशि 59 लाख रुपये के पार पहुंच गई।

प्रशासन ने इस मामले में गंभीर रुख अपनाते हुए वाहन मालिकों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। उनके विरुद्ध MMDR Act 1957 तथा बिहार खनिज अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण नियमावली के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

जिला प्रशासन ने साफ चेतावनी देते हुए कहा है कि बिना वैध परमिट के मिट्टी खोदना, ले जाना या अन्य कोई खनन कार्य पूरी तरह गैरकानूनी होगा। ऐसे में किसी भी व्यक्ति, ठेकेदार या एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा।

प्रशासन ने सभी निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए हैं कि निर्माण कार्यों के लिए मिट्टी या अन्य खनिज सामग्री केवल प्रमाणित स्रोतों और उचित अनुमति के जरिए ही ली जाए।

विभागीय कामों की आड़ में अवैध खनन करने पर एजेंसी के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाएगी।

जिला प्रशासन का कहना है कि अवैध खनन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Comment here