जनमित्र/बक्सर: जिला के करहसी पंचायत के कोडरवा गांव से एक बुरी खबर आ रही है जहां पर एक पति ने अपनी पत्नी का गला रेत कर हत्या कर खुद को भी फांसी लगा लिया. परिजनों का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से घर की माली हालत काफी खराब है जिह वजह से देवपथ पासवान जिनकी उम्र करीब 55 वर्ष बताई जा रही है ने पहले अपनी पत्नी नवरसिया देवी की गला रेत कर हत्या किया उसके बाद खुद को फांसी लगा ली. सुबह रविवार को जब घर का दरवाजा देर तक बंद रहा तब परिजनों को शक हुआ और दरवाजा तोड़कर देखा तो दोनों पति-पत्नी बेसुध पड़े थे. धीरे धीरे घटनास्थल पर ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया और कई समाजसेवी और नेता भी यहां पहुंचे. देवपथ पासवान के पांच पुत्र और एक पुत्री है.
सभी पुत्र मजदूरी करते हैं. पुत्र जितेंद्र पासवान का कहना है कि लॉक डाउन की वजह से मजदूरी का काम भी बंद हो गया और घर की हालत काफी खराब रहने लगी है शायद यही वजह है कि मेरे माता पिता ने खुद को समाप्त करने का फैसला किया. देर सुबह मुफस्सिल थाना एवं सदर डीएसपी गोरखराम भी मौके पर जायजा लेने पहुंचे. शुरू में परिजन वह ग्रामीण डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से रोक रहे थे परंतु बाद में प्रखंड विकास पदाधिकारी दीपचंद जोशी व प्रशिक्षु एसडीओ दीपक कुमार के पहुंचने के बाद डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. मौके पर मौजूद समाजसेवी रिंकू यादव का कहना है कि इन दोनों की सुसाइड करने की वजह आर्थिक तंगी है. लॉकडाउन में लोगों के पास रोजगार नहीं रहा और घर की माली हालत खराब होने की वजह से इन दोनों ने खुद को समाप्त किया. जबकि आरक्षी अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा का कहना है कि पुलिस इस मामले को लेकर जांच पड़ताल कर रही है मामला आर्थिक तंगी का नहीं लग रहा है लेकिन जांच के बाद ही कुछ कहना संभव होगा. वैसे पुलिस जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि घटना की सही वजह क्या है.
इस दौरान बीएसपी के विधानसभा पूर्व प्रत्याशी सरोज राजभर, नुवाव पंचायत के बीडीसी अरुण यादव, छात्र नेता मोहीत यादव, शिक्षक मनोज चौबे, बीएसपी के जिला अध्यक्ष सुभाष राम भी मौजूद रहे.
आखिर परिवार ने क्यों उठाया यह खौफनाक कदम…

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