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बक्सर रेलवे स्टेशन पर दो नए प्लेटफॉर्म बनेंगे

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द जनमित्र | शशि

दानापुर रेल मंडल के प्रमुख आय स्रोतों में शुमार बक्सर रेलवे स्टेशन के विस्तार को मंजूरी मिल गई है। लंबे समय से तीन प्लेटफॉर्म वाले इस स्टेशन पर अब दो नए प्लेटफॉर्म का निर्माण होगा। इस परियोजना पर करीब 29.99 लाख रुपये की लागत आने का अनुमान है। नए प्लेटफॉर्म चार और पांच के रूप में विकसित किए जाएंगे, जो प्लेटफॉर्म दो और तीन की तरह ही दो रेल लाइनों के बीच साझा संरचना वाले होंगे। इससे दोनों तरफ से ट्रेनों का संचालन आसान होगा।

नए प्लेटफॉर्म का निर्माण प्लेटफॉर्म नंबर तीन के दक्षिणी छोर पर किया जाएगा। इनकी लंबाई लगभग 650 मीटर होगी, जो 24 कोच वाली एलएचबी रैक ट्रेनों और इंजन को आसानी से समायोजित कर सकेगी। इस विस्तार से यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी और लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव व संचालन में आसानी होगी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पिछले डेढ़ साल में बक्सर से टाटा-बक्सर एक्सप्रेस और बिलासपुर-बक्सर साप्ताहिक एक्सप्रेस जैसी नई लंबी दूरी की ट्रेनें शुरू हुई हैं। त्योहारों के मौसम में विशेष ट्रेनों का संचालन भी बढ़ता है, जिन्हें लंबे ठहराव की जरूरत पड़ती है। इसी बढ़ते दबाव को देखते हुए प्लेटफॉर्म विस्तार जरूरी हो गया था।

निर्माण कार्य से स्टेशन के दक्षिणी छोर पर मौजूद तीन साइडिंग लाइनों पर असर पड़ सकता है। इनका उपयोग मुख्य रूप से रात में मेमू ट्रेनों को खड़ा करने के लिए होता है। संभावना है कि बीच की साइडिंग लाइन हटाकर नए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे, जबकि बाकी दो को लूप लाइन के रूप में विकसित किया जाएगा।

इसके अलावा स्टेशन के विकास की एक अन्य महत्वपूर्ण योजना पर काम चल रहा है। प्लेटफॉर्म एक, दो और तीन से जुड़ी रेल लाइनों को गिट्टी रहित स्लैब आधारित ट्रैक में बदला जा रहा है। यह तकनीक ट्रैक को अधिक मजबूत बनाएगी, रखरखाव की जरूरत कम करेगी और स्टेशन परिसर में स्वच्छता बढ़ाएगी।

बक्सर रेलवे स्टेशन का महत्व आने वाले समय में और बढ़ने वाला है। बक्सर को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से जोड़ने वाली 11.1 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। यह लाइन भदौरा और कर्मा स्टेशन के बीच बनेगी। पूरा होने पर पटना, आरा और बक्सर से गाजीपुर व मऊ तक सीधा रेल संपर्क स्थापित हो जाएगा, जिससे बक्सर होकर गुजरने वाली ट्रेनों का दबाव और बढ़ेगा।

इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे को नई साइडिंग लाइन और वाशिंग पिट की जरूरत महसूस हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि चौसा से बरुना तक लाइन के किनारे पर्याप्त जमीन उपलब्ध है। साथ ही स्टेशन के पास पुरानी रेलवे कॉलोनी को पुनर्विकसित कर भी अतिरिक्त जगह निकाली जा सकती है।

कुल मिलाकर, बक्सर रेलवे स्टेशन का यह विस्तार भविष्य की जरूरतों को देखते हुए एक अहम कदम है, जो यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा और रेल संचालन को सुगम बनाएगा।

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