द जनमित्र डेस्क
बक्सर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र स्थित अहियापुर गांव। शनिवार की सुबह यहाँ के लोगों के लिए खौफ़ का मंजर लेकर आई। गांव में हथियारबंद बदमाशों ने एक परिवार पर कहर बरपाया। देखते ही देखते गिट्टी-बालू के दो कारोबारियों समेत तीन लोगों की जिंदगी छिन गई, और बाकी घायल जिंदगी-मौत से जूझ रहे हैं। गांव में खौफ का आलम है, और लोग सहमे हुए हैं।




बताया जाता है कि शुक्रवार को विनोद सिंह यादव और सुनील सिंह यादव का गांव के ही कुछ लोगों से गिट्टी-बालू के कारोबार को लेकर तकरार हुई थी। बात इतनी बढ़ी कि शनिवार तड़के करीब चार बजे नहर के किनारे बदमाशों ने हमला बोल दिया। बिना कुछ बोले, गोलियां चलनी शुरू हुईं, और एक ही परिवार के छह लोग खून में लथपथ हो गए। गांव में हड़कंप मच गया।
राजपुर थानाध्यक्ष संतोष कुमार फौरन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि यह हमला पुरानी रंजिश का नतीजा लगता है। विनोद और सुनील की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को कोचस के अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत बिगड़ने पर उन्हें बनारस भेज दिया गया। अस्पताल से खबर आई कि घायलों में से एक और व्यक्ति ने भी दम तोड़ दिया, और दो की हालत अब भी नाजुक है।

घटना की खबर फैलते ही एसपी शुभम आर्य और सदर एसडीपीओ धीरज कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने विशेष टीम बनाकर हमलावरों की तलाश तेज कर दी। पुलिस ने इलाके की नाकेबंदी कर सघन छानबीन शुरू की है, क्योंकि शक है कि हमलावर आसपास ही कहीं छिपे हैं।
यह हमला सिर्फ एक परिवार पर नहीं, पूरे गांव की हिम्मत पर चोट है। अहियापुर में मातम और डर का साया है। पीड़ित परिवार इंसाफ की आस लगाए बैठा है, और पुलिस हरकत में है। लेकिन सवाल वही है—कब तक चुपके से छिपा यह खौफ गांवों को यूं ही निगलता रहेगा?


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