द जनमित्र डेस्क
बक्सर जिले में हाल ही में चालू हुए इटाढ़ी गुमटी (बक्सर-बरूना) रेलवे ओवरब्रिज का एक स्लैब शुक्रवार सुबह अचानक धंस गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इटाढ़ी गुमटी की ओर स्थित पांचवें पिलर के ऊपरी स्लैब के नीचे बैठने से पुल की सड़क पर एक फुट से ज्यादा चौड़ा गड्ढा बन गया। बताते चलें कि करीब महीने भर पहले चौसा में बने आरओबी का अप्रोच रोड भी धंस गया था।
घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि धंसने के बाद कंक्रीट पूरी तरह से राख की तरह बिखरा हुआ नजर आ रहा है। साथ ही उजागर हुई सरियों (रॉड) की पतली मोटाई को देखकर लोग हैरान हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि निर्माण में गुणवत्ता के बुनियादी मानकों की धज्जियां उड़ाई गईं, जिसकी वजह से पुल के शुरू होते ही यह हादसा हो गया।

करीब 26.40 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि से तैयार यह ओवरब्रिज लगभग 950 मीटर लंबा है। इसका मकसद रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम को खत्म करना और आवागमन को आसान बनाना था। पुल पर यातायात महज 10 दिन पहले शुरू हुआ था और चार दिन पहले इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया था।
हादसे के तुरंत बाद प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी। सिर्फ हल्के वाहनों को सीमित संख्या में जाने दिया जा रहा है। इससे बक्सर और आसपास के इलाकों में काफी दिक्कतें पैदा हो गई हैं। खासकर माल ढोने वाले ट्रक और लंबी दूरी के यात्री सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिहार में लगातार पुलों और अन्य निर्माणों में ऐसी खामियां सामने आ रही हैं, जो सरकारी कामों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों व निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
समाचार लिखे जाने तक संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जल्द ही मौके का निरीक्षण कर तकनीकी जांच शुरू किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।


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