खेती-बाड़ी

चंदा इकट्ठा कर जाने का रास्ता बनाते हैं यहां के ग्रामीण

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जनमित्र/ पूर्वी चंपारण – आजादी के बाद भी आज तक गाँव मे जाने का नही बनी सड़क ,गाँव का जर्जर पुल ही खोल रहा है विकास का पोल।
कुंदन मिश्रा/सुगौली पु.च.

बाढ़ से कटाव का मार झेल रहा है बरवा गाँव. सुगौली प्रखण्ड के पँजिअरवा पँचायत के पन्द्रह सौ आबादी वाला बरवा गाँव आज भी बाढ़ से हुए कटाव का मार झेल रहा है जहाँ आज तक गाँव मे जाने का सड़क के समस्या का समाधान नहीं हो सका जबकि इसके समाधान के लिए ग्रामीणों ने मुखिया जोखू पासवान और स्थानिय सांसद , विधायक तक का भी चक्कर लगा चुके हैं अब यहाँ के ग्रामीणों ने मुख्य सड़क पर वोट बहिष्कार का बैनर लगा कर किसी भी उम्मीदवार को गांव में प्रवेश करने से ही मना कर दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि

जब बाढ़ खत्म होता है तो हम लोग आपस में चन्दा इकठा कर के खुद से जहाँ पर बाढ़ का कटाव हुआ रहता है वहाँ मिट्टी डलवाते है कि आने जाने का रास्ता हो इसको लेकर ग्रामीण कुंदन झा ,अमरेंद्र झा,रंजीत, द्विवेदी,संजय यादव ,सुकट यादव ,अशोक यादव का कहना है कि यहाँ जब बाढ़ आता है तो हम लोग को लगभग दो माह तक घर मे ही रहना पड़ता है अगर किसी का तबियत खराब हुआ तो खटिया पर लाद कर के छाती भर पानी पार कर के हम लोग जाते हैं लेकिन यहाँ के कोई जनप्रतिनिधी इस समस्या का समाधान नही कर पा रहे हैं इसलिए गाँव की जनता वोट का बहिष्कार कर रही है ,जब तक यहां रोड और पुल नही बन जाता तब कर हम लोग किसी भी उम्मीदवार को वोट नही देगे.

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