अपराध

सरकारी योजना के नाम पर हुई साइबर ठगी

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द जनमित्र डेस्क

बक्सर जिले के धनसोई थाना क्षेत्र के सिमरिया गांव की निवासी ममता कुमारी को पुलिस ने एक बार फिर हिरासत में लेकर न्यायिक कस्टडी में भेज दिया है। इस महिला ने सुकन्या समृद्धि योजना का सहारा लेकर आसपास के गांवों की महिलाओं और लड़कियों को लुभाया, उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए और उन खातों के जरिए करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन किए। पुलिस अब इस पूरे प्रकरण की गहन छानबीन में जुटी हुई है।

मामला सामने आने के बाद साइबर सेल की टीम तुरंत अलर्ट हो गई। डीएसपी अविनाश कुमार के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक संजय कुमार सिंह और सब-इंस्पेक्टर श्रीकांत कुमार की विशेष टीम गठित की गई। जिन 80 महिलाओं के नाम पर खाते खोले गए थे, उन्हें अन्य जिलों से साइबर अपराध से जुड़े नोटिस मिलने लगे, जिससे उनमें दहशत का माहौल पैदा हो गया।

इसी बीच स्थानीय ग्रामीणों ने ममता को मौके पर दबोच लिया। सूचना मिलते ही धनसोई पुलिस की टीम पहुंची, उसे ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया और साइबर थाने को सौंप दिया।

साइबर थाने के सब-इंस्पेक्टर श्रीकांत कुमार ने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि ममता गांव-गांव घूमकर महिलाओं और युवतियों को शादी के मौके पर 50 हजार रुपये नकद और घरेलू सामान देने का प्रलोभन देकर सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बिना जमा राशि के बैंक खाते खुलवा लेती थी। खाताधारकों के पासबुक अपने पास रखती, एटीएम कार्ड और नए सिम कार्ड भी हासिल कर लेती।

हालांकि पुलिस को ममता के पास कोई बैंक खाता या एटीएम कार्ड नहीं मिला। सबूतों के मुताबिक वह सारी चीजें साइबर अपराधियों के संगठन को सौंप देती थी। गिरोह के बाकी सदस्य इन सिम कार्डों का इस्तेमाल कर आम लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाते और पैसे इन महिलाओं के खातों में ट्रांसफर करके एटीएम से निकाल लेते थे।

इस मामले में ममता के अलावा एक अन्य महिला का भी नाम सामने आया है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। गहन पूछताछ के बाद गुरुवार को ममता कुमारी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

उल्लेखनीय है कि 2024 में भी ममता ने धनसोई क्षेत्र की करीब डेढ़ सौ महिलाओं के इसी तरीके से बैंक खाते खुलवाकर साइबर फ्रॉड किया था। जेल से रिहा होने के बाद वह फिर से पुराने तरीके से धंधा शुरू कर बैठी।

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