सांसद रोजगार मेले में पहुँचने वाली एक मात्र कम्पनी क्वेस (quess) के कर्मचारियो के बयान पर छिड़ा सियासी संग्राम, स्थानीय कांग्रेस विधायक ने कहा कम्पनी के खिलाफ कराऊंगा एफआईआर दर्ज, माननीय मंत्री बताए स्किल इंडिया से कितने बच्चो का हुआ है सेलेक्शन कही मानव तस्करी का यह नया ट्रेंड तो नही.
द जनमित्र | डेस्क
बक्सरः 20 अगस्त को नगर थाना क्षेत्र के एमपी हाई स्कूल में केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के पहल पर लगाये गए सांसद रोजगार मेले पर सियासत तेज हो गई है. जदयू, कांग्रेस और भाकपा माले के नेताओ ने बीजेपी सांसद पर जोरदार हमला बोलते हुए इसे चुनावी स्टंट बताया और क्वेस कम्पनी पर एफआईआर दर्ज कराने की बात कांग्रेस विधायक ने कही.
कम्पनी के कर्मचारियों के बयान के बाद सियासत हुई तेज
इस सांसद रोजगार मेले में एक मात्र क्वेस कम्पनी ने शिरकत की थी. यह कम्पनी मैन पावर को हायर कर देश के अलग-अलग कम्पनियो में सप्लाई करती है जिसके बदले में उन्हें उन कम्पनियो के द्वारा पैसे की भुगतान की जाती है. क्वेस के कर्मी शैलेन्द्र प्रताप ने बताया कि हमलोग देश के अलग अलग जगहों से लोगो को हायर कर उनके योग्यता के अनुसार उन्हें अलग-अलग कम्पनियो में सप्लाई करते है. जिसके बदले में कम्पनी हमारी कम्पनी को पैसा देती है.

क्वेस कम्पनी के कर्मचारियो के इस बयान के बाद महागठबन्धन के नेताओ ने बीजेपी पर हमला तेज कर दिया है. बिहार सरकार के पूर्व मंत्री संतोष निराला ने इसे चुनावी स्टंट तो कांग्रेस विधायक मुन्ना तिवारी ने मानव तस्करी कराने का इस कम्पनी पर आरोप लगाते हुए कम्पनी पर एफआईआर दर्ज कराने की बात कही.
क्या कहते है महागठबन्धन के नेता
सांसद रोजगार मेंले में आये हुए नौजवानों को रोजगार देने का बीजेपी सांसद अश्विनी कुमार चौबे के बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस विधायक मुन्ना तिवारी ने केंद्रीय मंत्री से सवाल पूछते हुए कहा की स्किल इंडिया के तहत जिन बच्चों को हुनरमंद बनाया गया है उसमे से कितने बच्चो को उस रोजगार मेले में रोजगार मिला है या फिर वह कौन से नौजवान है जिन्हें कम्पनी के हवाले कर दिया गया. देश में मानव तस्करी का खेल बहुत पुराना है और हम सब इस बात को जानते है. कही इन बच्चों के साथ कोई अनहोनी हो गई तो इसका जिम्मेवार कौन होगा. इस कम्पनी के कामों का पड़ताल कर इसपर जल्द ही एफआईआर कराऊंगा.
डुमरांव विधायक अजीत कुशवाहा ने सांसद रोजगार मेला पर तंज करते हुए कहा कि मैंने पोस्टर देखा ये लोग क्या रोजगार मेला लगाएंगे इन लोगों ने तो रोजगार का बंटाधार किया है. चुकी चुनाव है तो बेवजह किसी कंपनी को बुलाएंगे और युवाओं को ठगने का काम करेंगे अगर रोजगार देना है तो सरकारी नौकरी दे. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जो सरकारी नौकरी देने का वादा किया था उस पर तो ये खरे उतरे नहीं अब युवाओं को गुमराह कर रहे हैं यह महज एक दिखावा है क्योंकि सामने चुनाव है. चुनाव खत्म हो जाएगा तो ये लोग बोल देंगे कि यह जुमला था किसी को कोई रोजगार नहीं मिलने वाला यह सिर्फ और सिर्फ नौजवानों को रिझाने की कोशिश है.
वही बिहार सरकार के पूर्व मंत्री संतोष निराला ने कहा कि यह केवल चुनावी स्टंट है. चुनाव खत्म होने के साथ ही सभी बच्चों को पुनः वापस बुला लिया जाएगा 9 वर्षो में जब देश के नौजवानों को रोजगार नही दिया गया तो 5 महीने बाद होने वाले चुनाव से पहले कौन सा रोजगार दे दिया जाएगा यह केवल जुमला है.

गौरतलब है कि सांसद रोजगार मेले में भाग लेने वाली एक मात्र कम्पनी क्वेस पर कांग्रेस विधायक के द्वारा एफआईआर दर्ज कराने की बात कहे जाने पर जिले में सियासत तेज हो गई है बीजेपी इसे दुर्भाग्य पूर्ण बयान बता रही है तो वही महागठबंधन के अन्य घटक दल के नेता इसे सांसद का चुनावी स्टंट बता रहे हैं.


Comment here