द जनमित्र | शशि
बिहार सरकार के निर्देशानुसार राज्य के सभी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में आज शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसी क्रम में बक्सर जिले के इटाढी प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय खरहना में भी वार्षिक परीक्षा के उपरांत बच्चों के प्रगति पत्रक वितरण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान न केवल बच्चों को उनकी वार्षिक उपलब्धियों का प्रमाण-पत्र सौंपा गया, बल्कि उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न कक्षाओं के अव्वल विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र व मेडल देकर सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय परिसर में अभिभावकों की उपस्थिति के साथ हुई। प्रधान शिक्षक राकेश कुमार ने सभी अभिभावकों का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा केवल स्कूल की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि माता-पिता और शिक्षकों का संयुक्त दायित्व है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष विद्यालय के बच्चों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और नए शैक्षणिक सत्र में और बेहतर परिणाम की उम्मीद है।
समारोह में कक्षा एक से पांच तक के टॉपर्स को मेडल व प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। साथ ही अभिभावकों को भी ‘पैरेंट्स ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड से नवाजा गया। जिन माता-पिता ने अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजा, उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखा और घर पर भी पढ़ाई में सहयोग किया, उन्हें यह विशेष सम्मान दिया गया। विद्यालय प्रशासन का मानना है कि अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है।
मौके पर प्रधान शिक्षक राकेश कुमार के अलावा विद्यालय शिक्षा समिति के सभी सदस्य, शिक्षक अजीत राव (आरपी), अतीन्द्र पाल, शिक्षिका आरती कुमारी व अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे। बच्चों के माता-पिता व अभिभावक भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए। अभिभावकों ने विद्यालय प्रशासन के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल बच्चों का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि अभिभावकों को भी शिक्षा प्रक्रिया से जोड़ते हैं।
कार्यक्रम के अंत में नए शैक्षणिक सत्र के लिए सभी बच्चों को शुभकामनाएं दी गईं। प्रधान शिक्षक राकेश कुमार ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हर बच्चा न केवल पढ़ाई में आगे बढ़े, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सफल हो। अभिभावकों का सहयोग हमें इस लक्ष्य को हासिल करने में मजबूती प्रदान करेगा।”
बिहार में ऐसे आयोजनों का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना और अभिभावक-शिक्षक संबंध को मजबूत बनाना है। खरहना प्राथमिक विद्यालय इस दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। स्थानीय स्तर पर ऐसे कार्यक्रमों से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की शिक्षा में नई ऊर्जा का संचार हो रहा है।


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