द जनमित्र | शशि
बक्सर जिले के वासुदेवा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ दो युवकों ने गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया। इस जघन्य अपराध में आरोपियों ने न केवल लड़की का शारीरिक शोषण किया, बल्कि उसे जान से मारने की नीयत से उसके शरीर पर चाकू और ब्लेड से कई बार हमला भी किया। यह घटना 15 मार्च की रात की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में शामिल दो आरोपी, गोलू यादव और मुन्ना सिंह, ने इस क्रूर कृत्य को अंजाम दिया।


पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना उस समय हुई जब पीड़िता अपने घर में अकेली थी। दोनों आरोपियों ने उसे किसी बहाने से बाहर बुलाया और फिर जबरन उसे खींचकर एक सुनसान जगह पर ले गए। वहां पीड़िता ने जब उनका विरोध किया तो आरोपियों ने उसकी बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद दोनों ने उसके साथ गैंगरेप किया। अपनी क्रूरता को और बढ़ाते हुए, उन्होंने चाकू और ब्लेड से उसके शरीर पर कई वार किए। पीड़िता के शरीर पर लगे पांच जख्म बेहद गंभीर बताए जा रहे हैं, जिसमें उसके पैर की त्वचा भी काट दी गई। हमले के बाद आरोपी लड़की को बेहोश हालत में छोड़कर फरार हो गए, यह समझते हुए कि उसकी मौत हो चुकी है। हालांकि, लड़की जीवित थी, लेकिन उसकी हालत बेहद नाजुक थी।
घटना के बाद जब पीड़िता के परिजन घर लौटे तो उन्होंने उसे घर में नहीं पाया। चिंतित परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और काफी खोजबीन के बाद उसे एक पेड़ के नीचे बेहोश अवस्था में पाया। परिजन तुरंत उसे लेकर सिमरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया गया। वर्तमान में पीड़िता का इलाज वाराणसी के एक अस्पताल में चल रहा है और उसकी हालत स्थिर लेकिन नाजुक बनी हुई है।
बक्सर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) शुभम आर्य ने बताया कि पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर वासुदेवा थाना में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष टीम का गठन किया और एक आरोपी, गोलू यादव, को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान गोलू यादव ने अपने अपराध को कबूल किया और अपने साथी मुन्ना सिंह की संलिप्तता की भी पुष्टि की। पुलिस ने दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी है और उसकी तलाश में कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
उन्होंने आगे बताया कि इस मामले में पॉक्सो एक्ट (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी गोलू यादव को जल्द ही न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां से आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। वहीं, पीड़िता का इलाज वाराणसी में जारी है और डॉक्टरों के अनुसार वह अब खतरे से बाहर है, लेकिन उसकी पूरी तरह से रिकवरी में अभी समय लगेगा।
यह घटना एक बार फिर नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा और समाज में बढ़ते अपराधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रशासन और पुलिस पर भी यह दबाव बढ़ गया है कि वह ऐसे मामलों में त्वरित और प्रभावी कदम उठाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

Comment here