ग्राउंड रिपोर्टस्थानीय

साहित्यकार कुमार नयन की दूसरी पुण्यतिथि पर आयोजित हुई गोष्ठी

Spread the love

द जनमित्र | डेस्क

बक्सरः साहित्यकार व गजलगो कुमार नयन की स्मृति में बुधवार को नगर के ज्योति प्रकाश चौक के समीप एक भवन में प्रगतिशील लेखक संघ एवं एआईएसएफ के संयुक्त तत्वावधान में एक समारोह का आयोजन किया गया. इस दौरान विचार गोष्टी एवं कवि सम्मेलन भी हुआ.

गोष्ठी का विषय “बदलते दौर में साहित्य का महत्व” विषय पर बुद्धिजीवियों एवं साहित्यकारों ने अपनी विचारों को रखा. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी सह जिला पेंशनर एसोसिएशन के संरक्षक गणेश उपाध्याय ने की जबकि संचालन राजेश शर्मा ने किया. वहीं विषय प्रवर्तन प्रलेस के अध्यक्ष डॉ. बीएल प्रवीण ने किया. इस मौके पर अध्यक्षीय भाषण के दौरान गणेश उपाध्याय ने कहा कि

सर्वत्र वैचारिक, सामाजिक और राजनीतिक प्रदूषण व्याप्त है ऐसे में साहित्य की महत्ता काफी प्रासंगिक हो गई है. देश में हुए प्रगतिशील परिवर्तनों में साहित्य का अमूल्य योगदान रहा है. इसके बाद कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ जिसमें फारूक शैफी ने कुमार नयन की गजल ’अंधेरी रात के तारों में ढूंढ़ना मुझको, मिलूंगा दर्द के मारों में ढूंढ़ना मुझको’ पढ़कर उपस्थित श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया.

इस मौके पर नर्वदेश्वर उपाध्याय, मीरा सिंह मीरा, डॉ. एके सिंह, बाल संरक्षण इकाई के सदस्य डॉ. शशांक शेखर, सुरेश संगम, साबित रोहतासवी, संतोष भारती, विश्वनाथ यादव, पूर्व जिला पार्षद डॉ मनोज यादव, गोविन्द जायसवाल, डॉ.मनीष कुमार जायसवाल शशि, सुरेन्द्र सिंह, बबन राजभर, तुषार विजेता, रामेश्वर चौहान, पृथ्वीराज, क्षितिज केसरी, अनुराग व प्रशान्त कुमार रहे.

Comment here