शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026
ताज़ा
डुमरांव में मंदिर की प्रतिमा से सोने की आंख चोरी पूर्व विधायक ने मौजूदा विधायक पर साधा निशाना बक्सर में पुरुषों में बढ़ रहा हाई ब्लड शुगर का खतरा निर्माणाधीन मकान का छज्जा ढहने से सरपंच की मौत चौसा में बनारस जैसी गंगा आरती का भव्य आयोजन डुमरांव में मोबाइल शोरूम से करोड़ों की चोरी भोजपुर थाना के नजदीक अज्ञात युवक का शव बरामद सांसद ने मानहानि नोटिस पर लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा
ग्राउंड रिपोर्ट

साहित्यकार कुमार नयन की दूसरी पुण्यतिथि पर आयोजित हुई गोष्ठी

द जनमित्र | डेस्क

बक्सरः साहित्यकार व गजलगो कुमार नयन की स्मृति में बुधवार को नगर के ज्योति प्रकाश चौक के समीप एक भवन में प्रगतिशील लेखक संघ एवं एआईएसएफ के संयुक्त तत्वावधान में एक समारोह का आयोजन किया गया. इस दौरान विचार गोष्टी एवं कवि सम्मेलन भी हुआ.

गोष्ठी का विषय “बदलते दौर में साहित्य का महत्व” विषय पर बुद्धिजीवियों एवं साहित्यकारों ने अपनी विचारों को रखा. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी सह जिला पेंशनर एसोसिएशन के संरक्षक गणेश उपाध्याय ने की जबकि संचालन राजेश शर्मा ने किया. वहीं विषय प्रवर्तन प्रलेस के अध्यक्ष डॉ. बीएल प्रवीण ने किया. इस मौके पर अध्यक्षीय भाषण के दौरान गणेश उपाध्याय ने कहा कि

यह भी पढ़ेंदोहरे मामले में बक्सर डीटीओ जाँच के घेरे में, द जनमित्र ने चलाई थी खबर

सर्वत्र वैचारिक, सामाजिक और राजनीतिक प्रदूषण व्याप्त है ऐसे में साहित्य की महत्ता काफी प्रासंगिक हो गई है. देश में हुए प्रगतिशील परिवर्तनों में साहित्य का अमूल्य योगदान रहा है. इसके बाद कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ जिसमें फारूक शैफी ने कुमार नयन की गजल ’अंधेरी रात के तारों में ढूंढ़ना मुझको, मिलूंगा दर्द के मारों में ढूंढ़ना मुझको’ पढ़कर उपस्थित श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया.

इस मौके पर नर्वदेश्वर उपाध्याय, मीरा सिंह मीरा, डॉ. एके सिंह, बाल संरक्षण इकाई के सदस्य डॉ. शशांक शेखर, सुरेश संगम, साबित रोहतासवी, संतोष भारती, विश्वनाथ यादव, पूर्व जिला पार्षद डॉ मनोज यादव, गोविन्द जायसवाल, डॉ.मनीष कुमार जायसवाल शशि, सुरेन्द्र सिंह, बबन राजभर, तुषार विजेता, रामेश्वर चौहान, पृथ्वीराज, क्षितिज केसरी, अनुराग व प्रशान्त कुमार रहे.