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बी के ग्लोबल अस्पताल प्रशासन पर परिजनों ने पैसे के लिए शव को बंधक बनाने का आरोप लगाकर नेशनल हाईवे को किया जाम जमकर हुआ हंगामा

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शहर के बी के ग्लोबल अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत, अस्पताल प्रशासन ने पैसों के लिए शव को बनाया बंधक. परिजनों ने एसपी से लेकर डीएम एवं सिविल सर्जन से फोन कर लगाया गुहार नही हुआ सुनवाई तो पटना बक्सर राष्ट्रीय राज्य मार्ग 922 को किया जाम एसपी पहल पर नगर थाने की पुलिस ने अस्पताल से शव को कराया मुक्त.
यूपी से महिला का इलाज कराने पहुंचे थे परिजन….

द जनमित्र । विमल यादव

बक्सर: नगर थाना क्षेत्र के वी. के. ग्लोबल अस्पताल में इलाज के दौरान एक 22 बर्षीय महिला मरीज की मौत हो गई. परिजनों ने जब अस्पताल प्रशासन से शव ले जाने की बात कही तो अस्पताल के डॉक्टर ने और पैसे की भुगतान करने की बात कहते हुए शव को रोक लिया.
जिसके बाद परिजनों ने मामले की सूचना एसपी एवं सम्बंधित थाने के थानेदार से लेकर डीएम एवं सिविल सर्जन को दी उसके बाद अस्पताल पहुँची मुफ़स्सिल थाने की गश्ती टीम के आग्रह पर भी जब अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को शव नही दिया तो नाराज परिजनों ने राष्ट्रीय राज्य मार्ग को जाम कर जमकर हंगामा किया . जिसके बाद एसपी के पहल पर पहुचें नगर थाने के थानेदार मुकेश कुमार एवं एसआई संजय त्रिपाठी ने अस्पताल से शव को मुक्त कराकर परिजनों के हवाले कर दिया तो लोग शांत हो गए और शव को लेकर वापस लौट गए.

उतरप्रदेश की रहने वाली है मृत महिला

घटना के संदर्भ में मिली जानकारी के अनुसार सिंडिकेट गोलंबर पर स्थित बी के ग्लोबल अस्पताल में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के सोनरी गांव निवासी चिंटू वर्मा की 22 वर्षीय पत्नी रिंकी देवी को भर्ती कराया गया था.परिजनों का कहना है कि पहले तो बी के ग्लोबल अस्पताल के निदेशक डॉ वीके सिंह के द्वारा यह कहा गया कि वह रोगी को बचा लेंगे परिजनों ने तुरंत ही काउंटर पर 10 हज़ार रुपये भी जमा कराए. लेकिन बाद में कई घंटों के बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा यह बताया गया कि मरीज को बचाया नहीं जा सका है. काउंटर पर बकाया 14 हज़ार और जमा करने के बाद ही शव को ले जाने दिया जाएगा. काफी मिन्नतें करने के बाद भी जब अस्पताल प्रबंधन नहीं माना तो अंत में मृतका के परिजनों ने एसपी, डीएम, सिविल सर्जन समेत कई अधिकारियो के यंहा गुहार लगाया.जब कोई सुनवाई नही हुई तो नेशनल हाइवे को जाम कर दिया.

क्या कहते हैं अस्पताल के निर्देशक

अस्पताल के निर्देशक डाक्टर बी के सिंह ने बताया कि अस्पताल में मरीज को जब भर्ती किया गया तो हालत बहुत खराब थी. उसका इलाज किया गया लेकिन उसे बचाए नहीं जा सका. अंत में परिजनों को यह कहा गया की बकाया पैसे का भुगतान कर दें. लेकिन जब उन्होंने पैसे भुगतान करने से इनकार किया तो शव को रोक कर रखा गया था. अगर ऐसे ही लोग इलाज करा कर पैसों का भुगतान नहीं करेंगे तो अस्पताल कैसे चल सकेगा.

परिजनों का आरोप

वही मरीज के परिजनों ने बताया कि जिस समय मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया था. इस दौरान अस्पताल के निदेशक डॉक्टर बीके सिंह ने कहा था कि 24 घंटे के ₹10 हजार लगेंगे 13 घण्टे बाद ही मरीज की मौत हो गई, तब तक हमलोगों से 14 हजार रुपये जमा करा लिया गया. शव को देने के लिए और 14 हजार की डिमांड कर रहे है.कूड़ा बीनकर हमलोग अपना घर चलाते है ऐसे में अब हमलोग पैसा कहा से दे.

वही शव को अस्पताल से मुक्त कराने के बाद नगर थाना के थाना प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि शव मुक्त कराकर परिजनों के हवाले कर दिया गया. स्थित सामान्य है.

गौरतलब है कि जाम के दौरान नाराज परिजनों का समर्थन कर रहे स्थानीय लोगो ने बताया कि बी के ग्लोबल अस्पताल पूर्व से ही इस तरह का कार्य करते आ रहा है. शव को बंधक बनाकर मनमाने तरीके से पैसा की वसूली करता है.

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