द जनमित्र | शशि
औद्योगिक थाना इलाके में एनएच-922 पर चुरामनपुर के पास रविवार की देर शाम एक ऐसा वाकया हुआ, जिसने सबकी सांसें थाम दीं। बरातियों से भरी एक बस और तेज रफ्तार ट्रक के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। ऊपर वाले की मेहरबानी रही कि इस हादसे में कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई। बस में सवार कुछ लोगों को हल्की चोटें जरूर आईं, लेकिन सभी की जान बच गई। घायलों को फौरन स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक इलाज दिया गया, और हालत सामान्य बताई जा रही है।




मिली जानकारी के अनुसार आरा से चौसा की ओर बारात लेकर जा रही यह बस जैसे ही चुरामनपुर के पास पहुंची, वहां सड़क पर जाम का आलम देख बस चालक सत्येंद्र सिंह ने जल्दबाजी में एक गलत फैसला ले लिया। बस को गलत दिशा में मोड़ दिया, यानी दूसरी लेन में ले आया। अभी बस संभल भी नहीं पाई थी कि सामने से आता ट्रक टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों गाड़ियों का अगला हिस्सा पिचक गया। हालांकि यात्रियों को गंभीर चोट न लगना किसी चमत्कार से कम नहीं था।
सत्येंद्र सिंह ने बाद में पुलिस को सफाई दी, “सड़क पर जाम लगा था, कोई रास्ता नहीं सूझा। दूसरी लेन में ले गया, लेकिन अचानक ट्रक सामने आ गया।” हादसे की खबर मिलते ही औद्योगिक थाने की पुलिस मौके पर दौड़ी आई। टीम ने फुर्ती दिखाते हुए यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और हालात को संभाला। जिन बरातियों को खरोंचें या मामूली चोटें आई थीं, उन्हें पास के अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के बाद सभी को राहत मिली।
थानाध्यक्ष संजय कुमार ने घटना पर सख्त रुख अपनाया। उनका कहना था, “यह हादसा गलत लेन में गाड़ी चलाने की वजह से हुआ। चालक की लापरवाही बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती थी। फिर भी, यात्रियों का सुरक्षित होना राहत की बात है।” उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी चल रही है, ताकि भविष्य में ऐसी गलतियां न दोहराई जाएं।
यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा के सवाल खड़े करती है। जाम के चलते जल्दबाजी में लिए गए फैसले और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी कितने खतरनाक हो सकते हैं, इसका अंदाजा इस हादसे से लगाया जा सकता है। गनीमत रही कि बारात की खुशियां मातम में नहीं बदलीं, वरना एक छोटी-सी चूक बड़ा हादसा बन सकती थी। पुलिस अब इस मामले को गंभीरता से ले रही है, और उम्मीद है कि सख्ती से ऐसे हालात पर काबू पाया जा सकेगा।

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