द जनमित्र न्यूज डेस्क
जिले के मुफस्सिल थाना इलाके में पीसी कॉलेज के पास ज्योति मैरिज हॉल में तिलक समारोह के दौरान हुई फायरिंग की घटना के मामले में पुलिस ने महज 12 दिनों के भीतर बक्सर और पटना में छापेमारी कर पांच शातिर बदमाशों को धर दबोचा। इनके कब्जे से दो देसी पिस्टल और दो खाली मैगजीन भी बरामद हुईं। पुलिस अधीक्षक की नजर में चल रही एक खास टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।




ये वाकया 15 अप्रैल की रात का है, जब तिलक समारोह में हथियारों से लैस बदमाशों ने मैरिज हॉल में घुसकर करीब 20 राउंड गोलियां चलाईं। वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। इस दौरान दूल्हे के बड़े भाई को पीटकर उसकी सोने की चेन और सवा लाख रुपये लूट लिए गए। पहले तो पुलिस ने इसे हर्ष फायरिंग का मामला बताने की कोशिश की, लेकिन पीड़ितों के दिए सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले खोखे और गवाहों के बयानों ने सारी सच्चाई उजागर कर दी। इसके बाद पुलिस ने जांच को गंभीरता से लिया।
घटना के बाद घायल अभय कुमार सिन्हा उर्फ डलब सिन्हा और उसके साथी, पुराने अपराधी विशाल श्रीवास्तव को पुलिस ने पहले ही दबोच लिया था। विशाल का तो रिकॉर्ड ही गजब का है—हत्या का प्रयास, लूट, आर्म्स एक्ट जैसे कई मामले पहले से दर्ज हैं। इन दोनों से पूछताछ में जो सुराग मिले, उस आधार पर पुलिस ने अपनी रफ्तार तेज की।
एसपी शुभम आर्य ने खुलासा किया कि अभय कुमार सिन्हा का लालगंज के ददन यादव और सुभाष यादव से झगड़ा हुआ था। शायद शराब पीने के बाद बात बिगड़ गई। उस वक्त तो मामला ठंडा पड़ गया, लेकिन बाद में अभय अपने साथियों के साथ पहुंचा और फायरिंग शुरू कर दी। इसी दौरान एक गोली दीवार से टकराकर उसी के पैर में जा लगी। एसपी ने कहा कि अगर दूसरा पक्ष कमरे में बंद न हुआ होता, तो शायद हत्या तक हो सकती थी।
27 अप्रैल को सीसीटीवी और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने चीनी मिल के रहने वाले अटल सिंह उर्फ कृष्णा कुमार सिंह को पकड़ा। उसने बताया कि हथियार चक्रहंसी के मंटु सिंह के पास हैं। फिर मंटु को दबोचा गया, जिसने हथियार पाण्डेयपट्टी के लक्ष्मीकांत दुबे के पास होने की बात कबूली। इसके बाद लक्ष्मीकांत के घर से दो पिस्टल और मैगजीन बरामद हुईं।
इसके अलावा, अभय का बेटा अमन श्रीवास्तव और सिविल लाइन्स का भोलु उर्फ अमित श्रीवास्तव पटना से गिरफ्तार हुए। दोनों पर पहले से कई संगीन मामले दर्ज हैं। कुल मिलाकर, अटल सिंह, मंटु सिंह, लक्ष्मीकांत दुबे, अमन श्रीवास्तव और भोलु अब पुलिस की गिरफ्त में हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर बाकी कड़ियां जोड़ रही है।
इस कामयाबी में एसडीपीओ धीरज कुमार, थानाध्यक्ष अरविंद कुमार और डीआइयू बक्सर की टीम ने दिन-रात मेहनत की। एसपी ने इसे अपराध पर नकेल कसने की बड़ी जीत बताया और टीम को इनाम देने का ऐलान किया।
वैसे, एसपी ने एक और बात साफ की—शादी-समारोह में हथियार लेकर पहुंचने और उनका दिखावा करने वालों की अब खैर नहीं। चाहे लाइसेंसी हथियार ही क्यों न हों, ऐसे लोगों पर भी शिकंजा कसेगा। लोगों ने इस कार्रवाई से राहत की सांस ली है।

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