द जनमित्र डेस्क
बक्सर के इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग के निकट स्थित ग्लोबल विजडम स्कूल ने मंगलवार को अपना 8वां वार्षिकोत्सव बड़े उत्साह और ऊर्जा के साथ मनाया। इस रंगारंग कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसडीएम अविनाश कुमार, डीएसपी गौरव पांडेय, रेड क्रॉस सोसायटी के सचिव डॉ. श्रवण तिवारी, आर्ट ऑफ लिविंग की लाइफ कोच वर्षा पांडेय, स्कूल निर्देशक प्रकाश पांडेय, उप-निर्देशक अमित पांडेय, प्रधानाचार्या निशा राय तथा शिक्षकों और अभिभावकों की मौजूदगी में किया गया।

इस वर्ष का थीम ‘जिज्ञासा’ रखा गया था, जो बच्चों में好奇心 और ज्ञान की प्यास जगाने पर केंद्रित था। मुख्य अतिथियों एसडीएम अविनाश कुमार, डीएसपी गौरव पांडेय और डॉ. श्रवण तिवारी को निर्देशक प्रकाश पांडेय ने मोमेंटो व शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसके अलावा अन्य गणमान्य व्यक्तियों, मीडिया प्रतिनिधियों, सेवानिवृत्त शिक्षक हरिश्चंद्र पाठक तथा टाउन थाना प्रभारी मनोज सिंह को भी निर्देशक और उप-निर्देशक द्वारा सम्मानित किया गया।
बच्चों ने ‘जिज्ञासा’ गीत के माध्यम से अतिथियों का जोरदार स्वागत किया। निर्देशक प्रकाश पांडेय ने कहा कि जिज्ञासा ही वह शक्ति है जो बच्चों को ‘क्यों’ और ‘कैसे’ पूछने के लिए प्रेरित करती है। उप-निर्देशक अमित पांडेय ने अपने संबोधन में बच्चों को ऊर्जा से भर दिया और कहा, “ज्ञान प्राप्त करने की उत्सुकता और जिज्ञासा से आपकी योग्यता अधिक सुदृढ़ बनती है।”
कार्यक्रम में छात्रों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिनमें नव दुर्गा ड्रामा, मां पर नृत्य, बॉर्डर-2 ड्रामा, बिहार सभ्यता ड्रामा, आनंदी ड्रामा, भारतीय महिला वर्ल्ड कप ड्रामा, भगवान शिव पर नृत्य (हर हर महादेव), कर हर मैदान फतह, गणेश वंदना, भूल भुलैया, हनुमान चालीसा डांस, हारमोनियम, कव्वाली सॉन्ग, महाभारत नृत्य तथा आर्मी पर नृत्य जैसी आकर्षक प्रस्तुतियां शामिल रहीं। एक आधुनिक रोबोट ड्रामा ने भी दर्शकों का मन मोह लिया, जो आज के युग में आविष्कारों की ओर इशारा करता था।
प्रधानाचार्या निशा राय ने ‘जिज्ञासा’ थीम पर अपने वक्तव्य से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। मुख्य अतिथि एसडीएम अविनाश कुमार ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ मानवता और संस्कारों का विकास भी जरूरी है, और ग्लोबल विजडम स्कूल इस मामले में अव्वल है। अभिभावकों को भी बच्चों में सामाजिक मूल्यों को समझाने की सलाह दी।
लाइफ कोच वर्षा पांडेय ने कहा कि दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ओर बढ़ रही है, लेकिन बच्चों को परीक्षा को बोझ नहीं मानना चाहिए। परीक्षा मेहनत, सफलता और योग्यता का प्रमाण है।
कार्यक्रम में गणमान्य अतिथि श्रीमती शोभा पांडेय का प्रधानाचार्या द्वारा स्वागत किया गया। मीडिया प्रतिनिधियों और अभिभावकों को भी सम्मानित किया गया। पूरे आयोजन में समाज को मां, बिहार की सभ्यता और मानवता के महत्व पर जिज्ञासा जगाने का संदेश दिया गया।


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