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बनारपुर में किसानों ने मनाया ‘काला दिवस’

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द जनमित्र | शशि

जिले के बनारपुर गांव में 20 मार्च 2024 को चौसा थर्मल पावर प्लांट को लेकर हुई पुलिसिया कार्रवाई के जख्म आज भी हरे हैं। घटना के ठीक दो साल पूरे होने पर प्रभावित किसानों ने आज इस दिन को ‘काला दिवस’ के रूप में मनाया। इस थर्मल पावर परियोजना से प्रभावित किसान काली पट्टी बांधकर प्लांट के समीप धरना स्थल पर बैठे और अपने दर्द को फिर से दुनिया के सामने रखा।

धरना स्थल पर उस दिन की तस्वीरें भी लगाई गईं, जिन्होंने किसानों के पुराने जख्मों को एक बार फिर ताजा कर दिया। किसानों का इल्जाम है कि उस दिन जिला प्रशासन की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों ने उनके घरों में घुसकर महिलाओं और पुरुषों के साथ बेरहमी से मारपीट की। उन्होंने घरों में तोड़फोड़ भी की और लाखों रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इस कार्रवाई में सैकड़ों किसानों को जेल भेजा गया, कई को हिरासत में रखा गया और कुछ गंभीर चोटों के कारण बाद में दुनिया छोड़ गए।

आज धरना स्थल पर दिवंगत किसानों की याद में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। माहौल बेहद भावुक और आक्रोशपूर्ण रहा। किसानों का कहना है कि आंदोलन में शामिल हर व्यक्ति पर 19-19 फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए, जिनका बोझ वे आज भी कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटकर उठा रहे हैं।

खेतिहर मजदूर मोर्चा के नेता अंशु चौबे ने कहा कि यह संघर्ष सिर्फ जमीन या मुआवजे का नहीं, बल्कि सम्मान और अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने बताया कि 17 अक्टूबर 2022 से लगातार धरना चल रहा था और 2023 में मांगों को लिखित रूप से स्वीकार किया गया था, लेकिन आज तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। 913 स्थानीय युवाओं की रोजगार के लिए सूची सौंपी गई थी, लेकिन अब तक सिर्फ 11 लोगों को ही नौकरी मिली है, जो बेहद निराशाजनक है।

किसान मुन्ना तिवारी ने उस दिन की बर्बरता को याद करते हुए कहा कि पुलिस की कार्रवाई इतनी भयावह थी कि कई साथी गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई। उन्होंने कहा, “हम अपने साथियों की याद में काला दिवस मना रहे हैं और न्याय की लड़ाई को और मजबूत करने का संकल्प ले रहे हैं।”

किसान नेता रामप्रवेश यादव ने आरोप लगाया कि उस समय के जनप्रतिनिधियों ने किसानों का साथ नहीं दिया, बल्कि प्रशासन और कंपनी के पक्ष में खड़े रहे। हालांकि, किसानों ने लोकतांत्रिक तरीके से ऐसे नेताओं को चुनाव में हरा दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान जनप्रतिनिधि भी मुद्दों पर अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखा रहे हैं।

किसानों ने आज एसटीपीएल (एसजेवीएन थर्मल पावर लिमिटेड) प्रबंधन को मांग पत्र सौंपते हुए साफ चेतावनी दी कि यदि रोजगार, उचित मुआवजा और प्रदूषण नियंत्रण जैसे मुद्दों पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे प्लांट के कार्य को अनिश्चितकाल के लिए ठप करने का आंदोलन शुरू करेंगे। मौके पर नन्दलाल सिंह, शिवजी तिवारी,गोरख नाथ पांडेय, शैलेश राय, हरिश्चंद्र साह, रामप्रवेश सिंह, छेदी सिंह, बृजेश राय, मुन्ना तिवारी,अश्विनी चौबे समेत अन्य कई लोग मौजूद थे।

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