द जनमित्र डेस्क
सब्जी उत्पादक किसानों को अपनी मेहनत की फसल का सही दाम दिलाने और बर्बादी से बचाने के लिए सहकारिता विभाग ने एक अहम कदम उठाया है। विभाग ने डुमरांव में 10 मीट्रिक टन क्षमता वाले कोल्ड स्टोरेज का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।

इस सुविधा के बन जाने के बाद किसान अगर बाजार में तुरंत अपनी सब्जियां नहीं बेच पाते तो उन्हें सुरक्षित तरीके से स्टोर कर सकेंगे। इससे उन्हें कम दामों पर मजबूरन सामान बेचने की स्थिति नहीं आएगी।
प्रखंड सब्जी उत्पादक सहकारी समिति लिमिटेड के अध्यक्ष अविनाश कुमार ने बताया कि समिति लगातार किसानों के हित में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल समिति से 230 सब्जी उत्पादक किसान जुड़े हुए हैं। नए किसान ऑनलाइन माध्यम से आसानी से सदस्यता ले सकते हैं। सदस्य बनने के लिए 200 रुपये का प्रवेश शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा।
अविनाश कुमार ने बताया कि पिछले साल समिति के जरिए 30 ट्रक से ज्यादा टमाटर पटना भेजे गए थे। इस बार और बड़े पैमाने पर सब्जियों की मार्केटिंग की तैयारी है, ताकि किसानों को बेहतर बाजार और उचित भाव मिल सके।
उन्होंने यह भी बताया कि डुमरांव के अलावा ब्रह्मपुर और बक्सर में भी कोल्ड स्टोरेज बनाने की मंजूरी मिल चुकी है। डुमरांव में 30 साल की लीज पर 10 कट्ठा जमीन लेकर यह सुविधा विकसित की जा रही है।
कोल्ड स्टोरेज के शुरू हो जाने के बाद किसान बिक्री से बच गई सब्जियों को अगले दिन बाजार की मांग के हिसाब से बेच सकेंगे। इससे न सिर्फ फसल की बर्बादी रुकेगी बल्कि किसानों को होने वाले आर्थिक नुकसान में भी काफी कमी आएगी। स्थानीय सब्जी उत्पादक किसान अब इस प्रोजेक्ट के जल्द पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।
डुमरांव के प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी आनंद कुमार राव ने कहा कि कोल्ड स्टोरेज की स्वीकृति किसानों के लिए बड़ी राहत है। विभाग का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा किसान समिति से जुड़ें, कोल्ड स्टोरेज का फायदा लें और अपनी उपज से अच्छा मुनाफा कमाएं।

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