गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026
ताज़ा
बक्सर में पुरुषों में बढ़ रहा हाई ब्लड शुगर का खतरा निर्माणाधीन मकान का छज्जा ढहने से सरपंच की मौत चौसा में बनारस जैसी गंगा आरती का भव्य आयोजन डुमरांव में मोबाइल शोरूम से करोड़ों की चोरी भोजपुर थाना के नजदीक अज्ञात युवक का शव बरामद सांसद ने मानहानि नोटिस पर लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा चलती गाड़ी से उतरते वक्त नीचे गिरी महिला दुर्गा पूजा पंडाल के समीप तीन वर्षीय मासूम से दुष्कर्म
अपराध

न्यायाधीश के नाम पर फर्जी व्हाट्सएप से साइबर ठगी

द जनमित्र डेस्क

थाईलैंड स्थित एक मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर बक्सर की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश काजल झांब के नाम पर जाली व्हाट्सएप अकाउंट तैयार किया गया है। इस फर्जी अकाउंट से स्थानीय वकीलों और न्यायालय कर्मचारियों को अनचाहे संदेश भेजे जा रहे हैं।

इस साइबर धोखाधड़ी की घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पक्षों ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। सूत्र बताते हैं कि फर्जीवाड़ा करने वालों ने न्यायाधीश का नाम और आधिकारिक पद का गलत इस्तेमाल कर लक्षित लोगों को परेशान किया जा रहा है, जिससे कोर्ट के रोजमर्रा कामकाज पर असर पड़ रहा है।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विदेशी नंबर का सहारा लेकर अपराधी किस मकसद से यह हरकत कर रहे हैं। जांच अभी जारी है।

यह भी पढ़ेंडुमरांव में मोबाइल शोरूम से करोड़ों की चोरी

बक्सर में साइबर फ्रॉड की बढ़ती लहर
हाल में डुमरांव नगर परिषद के कार्यपालक अधिकारी राहुल धर दुबे का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर अपराधियों ने उनके जानकारों से पैसे ऐंठे थे। हैकर्स ने अधिकारी की फोटो और नाम का दुरुपयोग करते हुए परिचितों को संदेश भेजा। खुद को व्यस्त बताकर तुरंत आर्थिक मदद मांगी और बारकोड भेजकर पैसे ट्रांसफर करवाए। कई लोगों ने बिना जांचे पैसे भेज दिए, जिससे ठगी हो गई।

इससे पहले राज हाई स्कूल के प्रभारी प्रधानाचार्य अनुराग मिश्रा सहित कई शिक्षकों के व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर ठगी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

बक्सर जिले में इन लगातार हो रही साइबर घटनाओं ने आम नागरिकों, सरकारी अधिकारियों, शिक्षकों और अब न्याय व्यवस्था से जुड़े लोगों को भी चिंता में डाल दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि साइबर अपराधियों पर लगाम कसने में अभी भी काफी चुनौतियां बाकी हैं। शिकायत दर्ज कराने की जटिल प्रक्रिया और कार्रवाई में होने वाली देरी अपराधियों का मनोबल बढ़ा रही है।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने आमजन से अपील की है कि किसी भी परिचित के नाम से पैसे मांगने, बारकोड भेजने या अनचाहे संदेश मिलने पर तुरंत फोन करके पुष्टि कर लें। बिना जांचे किसी लिंक पर क्लिक न करें या पैसे ट्रांसफर न करें।