ग्राउंड रिपोर्ट

बक्सर में हुई एक रिक्शा चालक की हत्या

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नए नगर थानाध्यक्ष को पहले ही दिन अपराधियो ने दी खुली चुनौती कोइरपुरवा निवासी रिक्शा चालक की चाकुओं से की नृशंस हत्या,
किराए के मकान में रहकर रिक्शा चलाता था 45 वर्षीय मृतक
जांच में जुटी पुलिस टीम

द जनमित्र । विमल यादव

बक्सर: जिले की बिगड़ती विधि व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए 48 घंटे पहले बक्सर एसपी के द्वारा कई थानेदारों की थानेदारी छिनने के साथ ही कइयों को इधर से उधर किया गया था. नए थानेदार अभी थाने को समझ भी नही पाए थे उससे पहले ही अपराधियो ने 45 वर्षीय रिक्शा चालक की चाकू से गोदकर हत्या कर पुलिस को खुली चुनौती दी है. घटना कि सूचना मिलते ही नगर थाने के नए थानेदार घटना स्थल पर पहुचकर मामले की जांच कर रहे है.

सहयोगी नशेड़ियों ने तो नही कर दी हत्या

घटना के संदर्भ में मिली जानकारी के अनुसार नगर थाना क्षेत्र के कोइरपुरवा मोहल्ले में अर्जुन सिंह नामक व्यक्ति के घर में 45 वर्षीय रिक्शा चालक जलालुद्दीन रहता था और रिक्शा चलाकर अपना भरण पोषण करता था. बीती रात किसी ने चाकुओं से गोदकर उसकी हत्या कर दी है.मृतक का शव किराये के मकान के ही आंगन में पड़ा हुआ था. पड़ोसियो के सूचना पर पहुँची पुलिस ने घटना स्थल से गांजा पीने वाला चिलम बरामद किया है.जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि गांजा पीने के दौरान किसी बात को लेकर हुए विवाद में नशेड़ी परिचितों ने ही इस घटना को अंजाम दिया है.

कोइरपुरवा मोहल्ले में लगता है नशेड़ियों का दरबार

नगर थाना से चंद कदम की दूरी पर कोइरपुरवा मोहल्ले में शाम ढलते ही नशेड़ियों का दरबार लगता है. हैरानी की बात है कि अब तक नगर थाने की कमान संभालने वाले थानेदारों और पुलिस के वरीय अधिकारियो को छोड़कर पूरे बक्सर शहर को पता है की इस मोहल्ले में धड़ल्ले से हेरोइन, अफीम, चरस, गांजा, और शराब की तस्करी हो रही है. इन तस्करो के लिए अंग्रेज कब्रिस्तान सबसे सुरक्षित ठिकाना है. उसके बाद भी पहले के किसी थानेदारों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिसका परिणाम है कि शहर के अलग-अलग इलाके से पुलिस कई नशेड़ियों की लाशें अब तक बटोर चुकी है.

इस थाने के थानेदारों को मिलता कार्रवाई के नाम पर बड़ा इनाम

5 दिन पूर्व इस थाने के थानेदार दिनेश मालाकार को लाइन्क्लोज कर दिया गया था. जिसके बाद शहर में कई तरह की चर्चाएं हो रही थी, 4 दिन बाद उन्हें डुमराँव थाने का थानेदार बनाकर भेज दिया गया. जिसको लेकर स्थानीय लोगों से लेकर पुलिस महकमे में कई तरह की चर्चा सरेआम हो रही है.
और लोग वरीय अधिकारियो के इस निर्णय पर दबे जुबान से सवाल उठा रहे है.

क्या कहते हैं थानाध्यक्ष

मामले की जांच की जा रही है. घटनास्थल से जो भी साक्ष्य मिल रहे हैं उनके आधार पर पुलिस आगे का अनुसंधान कर जल्द ही अपराधियो को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजेगी.

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