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शराब तस्कर की हत्या में अपनों का ही हाथ !

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28 अप्रैल की रात्रि में शराब तस्कर अक्षय पाण्डेय की हुई हत्या. मामले में हत्यारो के करीब पहुँची बक्सर पुलिस, दुश्मनी में नही अपने लोगो ने सोए अवस्था में धारदार हथियार से कर दी थी हत्या. सूत्रों की माने तो हत्या से पहले पेय पदार्थ में नशे की दवा मिलाकर दी गई थी. पुलिस को गुमराह करने के लिए परिजनों ने दर्ज कराया था नामजद एफआईआर.

 

द जनमित्र | सरिता कुमारी

बक्सर: जिले के सिकरौल थाना क्षेत्र अंतर्गत रेका पांडेयपुर गांव में शराब तस्कर अक्षय कुमार पांडेय की 28 अप्रैल की रात्रि में धारदार हथियार से गला रेतकर हुए हत्या मामले में हत्यारों के करीब बक्सर पुलिस पहुँच चुकी है. इस घटना का अंजाम किसी दुश्मन या पुराने दोस्तों के द्वारा नही बल्कि अपने लोगो के द्वारा दिया गया था. स्थानीय विश्वस्त सूत्रों की माने, तो हत्या से पहले मृतक को पेय पदार्थ में नशे की दवा मिलाकर दिया गया था. हालांकि पुलिस उस नाम को प्रेस वार्ता कर करेगी उजागर.

दुश्मनी में हत्या करने की बात कहकर परिजनों ने दर्ज कराया था नामजद एफआईआर.

घर के बाहर दरवाजे पर सोये अवस्था में आधी रात्रि को हुए इस हत्या में परिजनों के द्वारा नामजद प्राथमिकी दर्ज कराते हुए पुरानी दुश्मनी निकालने की बात कही गई थी. पुलिस के अनुसंधान में मामला बिल्कुल उससे उलटा निकला है. इस हत्याकांड में एक तरफ जहां कुछ नजदीकी लोग भी बेनकाब हुए हैं वहीं रिश्तो पर से भी भरोसा उठ गया है.


मामले की एसपी ने खुद किया था जांच

इस हत्या कांड की जांच करने के लिए एसपी मनीष कुमार स्वयं सिकरौल पहुंचकर गहराई से विभिन्न बिंदुओं पर पड़ताल की और पुलिस पदाधिकारियों को अलग अलग बिंदु पर जांच करने का निर्देश दिया. संदेह के आधार पर कुछ नजदीकी लोगों से भी पूछताछ की गई, जिसके बाद पुलिस अंतिम निष्कर्ष पर पहुंच गई है. एसपी का कहना है कि जल्द ही मामले का उद्भेदन कर दिया जाएगा. हालांकि, एसपी ने पूर्व में यह बयान दिया था कि मामले में कुछ संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है. लेकिन अब पुलिस अपनी पड़ताल को पूरा करते हुए अंतिम निष्कर्ष पर पहुँच गई है.


मृतक के भाई और पत्नी का बयान बना आधार

इस मामले में पहले ही दिन मृतक के भाई ने पोस्टमार्टम हाउस में यह बयान दिया था कि उनका भतीजा अपने पिता के साथ ही सोया हुआ था. जब हत्या हुई तो उसके कारण उसके कपड़ों में भी खून लग गया था. वहीं जब मृतक की पत्नी ने प्राथमिकी दर्ज कराई तो उसमें उन्होंने बयान दिया कि पुत्र रात को बरामदे से उठकर घर में आकर सो गया था. मामले में मृतक की पत्नी के द्वारा बसगीतिया निवासी मृतक के परिचित को नामजद अभियुक्त बताया गया था. पुलिस सूत्र बताते हैं कि पुलिस को जो जानकारी मिली है वो दोनों बयानों से मेल नहीं खाती.


क्या कहते है अधिकारी

वही इस मामले को लेकर जब डुमराँव अनुमंडल के एसडीपीओ आफाक अख्तर अंसारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि, इस मामले में अभी कुछ भी नही कहा जायेगा, अनुसन्धान चल रहा है. पुलिस जब किसी नतीजे पर पहुँचेगी उसके बाद जानकारी साझा किया जाएगा, अभी जांच चल रहा है.

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