सम्पति विवाद में हुए हत्या के 10 साल बाद सात हत्या आरोपियो को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा लगाया अर्थ दण्ड.
द जनमित्र । एस कुमार विमल
बक्सर: जिले के डुमरांव अनुमंडल अंतर्गत ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के काँट गांव में वर्ष 2014 में हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने 10 साल बाद हत्या के सात आरोपियो को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही अर्थ दण्ड भी लगाया है. जिससे पीड़ित पक्ष के लोगो ने राहत की सांस ली है. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार ने गवाहों के सुनने के बाद आरोपित को मामले में दोषी पाया.
क्या कहते है अपर लोक अभियोजक
अपर लोक अभियोजक सुरेश सिंह ने बताया कि 17 मार्च 2014 को ब्रम्हपुर थाना क्षेत्र के कांट में पीड़ित देवव्रत सिंह अपने पिता बलराम सिंह के साथ घर के दरवाजे पर बैठकर चाय पी रहे थे. इसी दौरान आरोपितों ने हथियार के साथ लैश होकर उनके दरवाजे पर आकर बलिराम सिंह को गोली मारकर हत्या कर दी और देवव्रत सिंह को भी जख्मी कर दिया. जिसके बाद पुलिस ने देवव्रत सिंह के बयान पर एफआईआर दर्ज कर जांच में जुट गई. बताया गया की मनोज सिंह, सूरज सिंह, शंभू नाथ सिंह, शिव शंकर सिंह ,बलराम सिंह, सुनील सिंह उर्फ टुनटुन सिंह, सोनी सिंह उर्फ दया शंकर सिंह सभी एक ही गांव कांट के निवासी है. जिनका आपस में जमीन का पुराना विवाद चल रहा था. जिसमे सभी आरोपियो ने मिलकर बलराम सिंह की हत्या कर दी थी.
कोर्ट ने सभी आरोपियो को दोषी पाते हुए सुनाई सजा.
10 सालो तक कोर्ट में चले हत्या के इस मामले में कोर्ट ने गवाहों और साक्ष्य के आधार अभियुक्तों को दोषी पाया. न्यायाधीश मनोज कुमार ने सभी अभियुक्तों को अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई. हत्या के मामले में आजीवन करावास के साथ प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपयों का अर्थदंड लगाया. सभी सजा साथ-साथ चलेंगीं.
गौरतलब है कि न्यायालय के आये इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार के लोगो के चेहरे पर सुकून साफ दिखाई दे रहा था. वही हत्या के दोषियों के परिजनों ने ऊपरी न्यायालय में इस फैसले की चुनौती देने की बात कही.

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