जनमित्र/बक्सर: 28 जुलाई 2021 को कॉमरेड चारु मजूमदार की हिरासत में हत्या के 49 साल पूरे हुए और भाकपा (माले) के पुनर्गठन के 47 साल पूरे हो गए। इस मौके पर भाकपा माले बक्सर के द्वारा कई प्रखंडों में जैसे डुमरांव, इटाढी़, बक्सर, केसठ व नावानगर में कार्यक्रम आयोजित कर कॉमरेड चारु मजूमदार को याद किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि एक बार फिर राज्य आपातकाल के दौर वाले दमनकारी चेहरे के साथ फिर से हाजिर है। यह उत्पीड़न और क्रूरता के मामले में अंग्रेजों के शासन को भी मात दे रहा है।
इतना खुलेआम दमन हो रहा है कि अदालतों को बार-बार आगाह करना पड़ रहा है कि मोदी सरकार का अंधाधुंध दमन संवैधानिक लोकतंत्र के ढांचे के खिलाफ है। दिल्ली हाईकोर्ट ने लोकतंत्र में असहमति और विरोध के अधिकार के महत्व को रेखांकित किया है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि आजादी के सात दशक बाद भी उसे गुलामी के समय के राजद्रोह कानून की जरूरत क्यों है?

राजनीतिक कैदियों की रिहाई, अंग्रेजों के समय के राजद्रोह कानून और आजादी के बाद के यूएपीए जैसे खूंखार कानूनों को रद्द करने की मांग एक बार फिर लोकप्रिय विमर्श का हिस्सा बन रही है। नागरिकता कानून में भेदभावपूर्ण संशोधन को वापस लेने, विनाशकारी कृषि कानूनों को रद्द करने, नये श्रम कानूनों को रद्द करने और श्रम अधिकारों की गारंटी करने, निजीकरण और मंहगाई पर रोक लगाने, मजदूरी बढ़ाने और रोजगार के अवसर पैदा करने, कोविड से हुई मौतों का मुआवजा देने, सबसे लिए शिक्षा व स्वास्थ्य की गारंटी करने की मांगें इस समय की मूल लोकतांत्रिक मांगें हैं।

साथ ही वक्ताओं ने कहा कि कॉमरेड चारु मजूमदार के आखिरी शब्द थे – जनता के हित को सर्वोपरि रखो और हर हाल में पार्टी को जिंदा रखो। 1970 के दशक के धक्के के दौरान यही शब्द पार्टी के दिशा निर्देशक थे। आज जब हम मोदी सरकार 2.0 और कोविड 2.0 के घातक और चुनौतीपूर्ण दौर में हैं तो इसका मुकाबला करने के लिए उसी तरह की भावना की जरूरत है। परिस्थितियों की मांग के अनुरूप पार्टी को तैयार करते हुए जब हम विभिन्न मोर्चों पर संघर्ष की

तैयारी में हैं तो ऐसे में किसी भी तरह की निष्क्रियता और ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं है। इस दौरान बक्सर शहर के चीनी मिल मुहल्ला में भाकपा माले के अस्थाई कार्यालय पर झ़ंडोतोलन कामरेड बिहारी प्रसाद अधिवक्ता के द्वारा किया गया एवं एक मिनट का मौन रख कर श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। केन्द्रीय कमिटी का संकल्प प्रस्ताव जगनारायण शर्मा द्वारा पढ़ा गया। शहादत दिवस में नगर कमिटी सचिव राजदेव सिंह, उमेश राणा, नथुनी प्रसाद ओम जी, राजा राम, अजय जी अधिवक्ता हीरा लाल राम अधिवक्ता, धनजी पासवान, जितेन्द्र राम प्रमोद सिंह, धर्मेंद्र यादव, संजय शर्मा, संजय सिंह, चन्देश्वर पाल,आइसा और RYA के लोग भी शामिल रहे।

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