ग्राउंड रिपोर्टपर्यावरण

कड़ाके की ठंड से जन जीवन हुआ अस्त-व्यस्त

Spread the love

कोल्ड वेव के चपेट में बक्सर जिले का तापमान पहुचा 12 डिग्री सैल्सियस. चौक चौराहे पर अलाव ताप रहे लोगों ने कहा काश्मीर जैसी बक्सर में हालात, उसके बाद भी भरपूर अलाव की प्रशासन नही कर रहा है व्यवस्था.

द जनमित्र | सरिता कुमारी

बक्सर : पिछले 48 घंटे से पूरा जिला कोल्ड वेव की चपेट Srin है. आलम यह है कि तापमान 10-12 डिग्री सैल्सियस पर पहुँच गया है. कड़ाके की ठंड ने पूरे जन जीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है. आलम यह है की, लोग घर के चार दिवारी के अंदर ही कैद होने को मजबूर है. हाड़ कंपा देने वाली पछुआ हवा और शीतलहर की कहर से पूरा जिला कांप उठा है. जिला प्रशासन एवं नगर परिषद के द्वारा कही भी चौक चौराहे पर अलाव का भरपूर व्यवस्था नही किया गया है. ठंड से ठिठुर रहे लोगों ने कहा कि, अलाव के नाम पर केवल मजाक हो रहा है.

कड़ाके की ठंड और पछुआ हवा की कहर ने जिलेवासियों का जीना दुर्भर कर दिया है. पिछले 48 घण्टे से सूर्य की रौशनी देखने के लिए लोग तरस गए है. हांड को कंपा देने वाले इस ठंड में शहर के सबसे व्यस्त एवं भिंड भांड वाले ज्योति चौक का जायजा लिया तो नगर वासियो एवं राहगीरों ने बताया की इस साल इससे ज्यादा भयंकर ठंड का सामना नही हुआ था. नगर परिषद के द्वारा जो अलाव की व्यवस्था किया गया है, वह ऊंट के मुँह में जीरा से ज्यादा कुछ भी नही है. स्थानीय दुकानदारों ने ठंड से राहत पाने के लिए खुद से अलाव का व्यवस्था किया है. यंहा तो केवल कागजों पर ही 45 जगहों पर अलाव जल रहा है. कही 500 ग्राम तो कही एक केजी लकड़ी गिराकर अधिकारियो ने कोरम पूरा कर दिया है.

गौरतलब है कि जिले में शीतलहर की सितम और पछुआ हवा की कहर से लोग परेशान है. सम्पन्न लोगों के घरों में इलेक्ट्रिक उपकरण या ठंड से राहत पाने के लिए अन्य सामग्री तो उपलब्ध है, लेकिन फुटपाथ पर खुले आसमान के नीचे गुजर बसर करने वाले लोग काफी परेशान है.

Comment here