जनमित्र/बक्सर: शनिवार को पटना उच्च न्यायलय एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार पटना के निर्देश पर सेंट्रल जेल, ओपन जेल और महिला जेल में विधिक जागरुकता अभियान चलाया गया। इस दौरान बंदियों के अधिकारो के बारे में विस्तार से बताया गया। महिला कारागार में पैनल अधिवक्ता दीपिका केसरी और प्रीति कुमारी के नेतृत्व में महिला बंदियों को उनके अधिकारों के बारे में बताया गया। इस कार्य में रीना कुमारी, पूजा कुमारी, नीलम कुमारी ने सहयोग किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह न्यायाधीश धर्मेन्द्र कुमार तिवारी ने बंदियों को उनके अधिकारों के बारे में बताया। इस दौरान प्री मेच्योर रिलीज़ था सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के द्वारा अपने एक न्यायालय सोना धार वर्सेज स्टेट ऑफ छत्तीसगढ़ में वह आदेश दिया है कि कारागार में बंद वैसे बंदी जिनका सजा कुछ महीनों के लिए रह गया है वे अपना आवेदन सजा खत्म होने के पूर्व उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में कारा कैदी से मुक्त होने के लिए आवेदन कारा अधीक्षक को कर सकते हैं।
विधिक जागरूकता कार्यक्रम में जेल अधीक्षक राजीव कुमार, शालिनी राज किशोर सिंह पैनल अधिवक्ता रामानंद तिवारी, आशुतोष ओझा, जितेंद्र कुमार, रवि प्रकाश, रवि, दीपिका केसरी, प्रीति कुमारी, उमेश शर्मा, देव प्रसाद शाखी, अजय सिंह, दीपेश कुमार, सुधीर कुमार थे।

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