द जनमित्र डेस्क
बक्सर जिले के चौगाई गांव के 22 वर्षीय प्रदीप शाह की चेन्नई में एक बॉयलर कंपनी में काम के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। ऊंचाई से गिरने के कारण हुई इस घटना ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है। गांव में शोक की लहर है और हर आंख नम है।

प्रदीप तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। परिवार की आर्थिक तंगी के कारण वे अपने छोटे भाई के साथ चेन्नई मजदूरी करने गए थे। माता-पिता को उनसे बहुत उम्मीदें थीं। प्रदीप घर बनवाने, परिवार को बेहतर जिंदगी देने और शादी करने का सपना देखकर दिन-रात मेहनत कर रहे थे।
मां राधिका देवी ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “मेरा बेटा बॉयलर का काम बिल्कुल नहीं जानता था, फिर भी उसे उस खतरनाक काम पर लगा दिया गया। यह साफ लापरवाही है।” उन्होंने भावुक होकर बताया कि प्रदीप घर लौटकर शादी करने की बात करता था। राधिका देवी ने कहा, “मुझे कंपनी से कोई मुआवजा नहीं चाहिए, बस मेरा बेटा वापस चाहिए। हम तिरपाल लगाकर भी गुजारा कर लेंगे।”
प्रदीप के पिता शिवजी शाह ने बिहार सरकार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “अगर राज्य में पर्याप्त रोजगार और उद्योग होते, तो मेरा बेटा बाहर नहीं जाता और आज जिंदा होता।” पिता ने कंपनी की लापरवाही की जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना की सूचना प्रदीप की बहन और जीजा ने दी, जो चेन्नई में ही रहते हैं। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। डुमरांव विधानसभा के पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुशवाहा ने परिवार पहुंचकर गहरा शोक जताया और सांत्वना दी।
एक होनहार युवा की असमय मौत ने परिवार का मुख्य सहारा छीन लिया है। चौगाई गांव में मां की पुकार अब भी गूंज रही है— “मेरा बेटा वापस दे दो।”


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