17 नवम्बर से शुरू हो रहे चार दिवसीय लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा का चल रहा है तैयारी. युध्दस्तर पर जुटी जिला प्रशासन एवं नगर परिषद के अधिकारियो की टीम. इस बार घाटों पर दिख रहा है अलग नज़ारो वाला पेंटिंग. पेंटिंग के जरिये दर्शाया गया है बक्सर का पौराणिक और धार्मिक महत्व.
द जनमित्र | सरिता कुमारी
बक्सर : 17 नवंबर से शुरू हो रहे चार दिवसीय लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की तैयारी को लेकर जिला प्रशासन एवं नगर परिषद के अधिकारियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. बक्सर नगर परिषद क्षेत्र में 32 ऐसे घाट है जिसको पूरी तरह से दुरुस्त करने के साथ ही वॉल पेंटिंग कर बक्सर के पौराणिक और धार्मिक महत्व को बताने एवं स्वच्छता का संदेश देने की एक बड़ी कोशिश की गई है. जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. जिलाधिकारी से लेकर नगर परिषद के तमाम लोग खुद गंगा घाटों पर पहुँचकर निरीक्षण कर रहे हैं. छठ व्रतियों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो इसका विशेष ख्याल रखते हुए छठ घाटों का आकर्षक बनाया जा रहा है.
नहाए खाये के साथ कल से शुरू हो जाएगा लोक आस्था का महापर्व
17 नवम्बर से नहाए खाये के साथ शुरू हो रहे चार दिवसीय लोक आस्था के इस महापर्व में लाखों छठ व्रती उत्तरायणी गंगा की तट पर इस महापर्व को करने के लिए 19 नवम्बर को आएंगे, जिसको देखते हुए पर्याप्त मात्रा में गंगा घाटों पर चेंजिंग रूम, शौचालय, सीसीटीवी कैमरे के अलावे 200 मजिस्ट्रेट, 450 सुरक्षा के जवान 35 बोट पर गोताखोर, एनडीआरफ, एसडीआरएफ के अलावे ड्रोन कैमरे से निगरानी के लिए मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है. नगर परिषद के द्वारा बक्सर में कुल 32 घाटों की सूची जारी कर छठ व्रतियों से इन्ही घाटों पर आने के लिए आग्रह किया गया है.
क्या कहते है जिलाधिकारी
शहर के नाथ बाबा घाट पर पहुँचे जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने बताया कि, छठ व्रतियों को किसी तरह की परेशानी न हो उसको देखते हुए युध्दस्तर पर तैयारी की जा रही है. लाखों की संख्या में छठ व्रती गंगा तट पर आते है, जिनकी सुरक्षा एवं सुविधा को ध्यान में रखते हुए 200 मजिस्ट्रेट, के अलावे 400 से अधिक सुरक्षा के जवानों, गोताखोरों, मेडिकल की टीम, आपदा प्रबंधन की टीम, सीसीटीवी कैमरा, ड्रोन कैमरा, वाच टावर, बोट से पेट्रोलिंग का तैयारी पूरी है. छठ व्रतियों को किसी तरह की असुविधा न हो उसके लिए पहुँच पथ को बेहतर बनाया जा रहा है.
क्या कहते हैं चेयरमैन प्रतिनिधि
वही चेयरमैन प्रतिनिधि नियमातुल्लाह फरीदी ने बताया कि छठ पूजा को देखते हुए नगर परिषद के द्वारा लगातार घाटों एवं अन्य जगहों पर काम किया जा रहा है. इस बार आपको छठ घाटों पर बेहतर सुविधा मिलेगी, जिसमें साफ सफाई के अलावा भजन बजाने के लिए साउंड सिस्टम की व्यवस्था की गई है. हमारी कोशिश है कि छठ व्रतीयों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए तैयारी जोरों शोरो से चल रही है. और सभी काम ससमय पूरा कर लिया जाएगा.
नगर परिषद बना रहा है आकर्षक सेल्फी पॉइंट
वहीं नगर परिसर के कार्यपालक पदाधिकारी प्रेम स्वरूपम ने बताया कि, चार दिवसीय लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा में प्रत्येक व्यक्ति घरों से बाहर निकलते हैं. उन तमाम लोगों को एक स्वच्छ और अच्छा वातावरण उपलब्ध कराने के लिए नगर परिषद दृढ़ संकल्पित है. वॉल पेंटिंग, स्वच्छता के संदेश के साथ ही साथ गंगा नदी के अंदर से लेकर हर महत्वपूर्ण चौक चौराहे पर आकर्षक सेल्फी प्वाइंट बनाया जा रहा है. जिससे कि लोग वहां खड़े होकर अपनी तस्वीरों को कैमरे में कैद कर सके.
गौरतलब है कि 17 नवंबर से नहाए खाए के साथ शुरू हो रहे है चार दिवसीय लोक आस्था के महापर्व को करने के लिए हजारों की संख्या में लोग अपने मातृभूमि पर आए हुए है. 18 नवम्बर को खरना के प्रसाद ग्रहण करने के बाद 19 नवम्बर को छठ व्रती डूबते हुए भगवान भास्कर को अर्घ्य देंगी और 20 नवम्बर को उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिवसीय इस महाव्रत को सम्पन्न करेंगे.

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